भीषण गर्मी के बीच राजधानी में पानी की किल्लत, कई इलाकों में हाहाकार

नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ती गर्मी के साथ पानी का संकट भी लगातार गहराता जा रहा है। भीषण तापमान और बढ़ती पेयजल मांग के बीच यमुना नदी का जलस्तर घटने से दिल्ली जल बोर्ड के कई जल शोधन संयंत्रों की क्षमता प्रभावित हुई है। इसका असर अब शहर के अलग-अलग इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है, जहां लोगों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, वजीराबाद बैराज का जलस्तर सामान्य स्तर से काफी नीचे पहुंच गया है। जलाशय में पानी कम होने के कारण वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्रों तक पर्याप्त कच्चा पानी नहीं पहुंच पा रहा। इससे दोनों प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं और पानी उत्पादन में 10 से 25 प्रतिशत तक कमी आई है।
कई इलाकों में पानी की किल्लत
पानी की कमी का असर नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में अधिक देखने को मिल रहा है। कई कॉलोनियों, जेजे बस्तियों और गांवों में सप्लाई अनियमित हो गई है। लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, लेकिन कई जगह पर्याप्त टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही पानी भरने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। टैंकर आने का कोई निश्चित समय नहीं होता, जिसके कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर
जल बोर्ड के मुताबिक, गर्मियों के दौरान राजधानी में पानी की मांग काफी बढ़ गई है। फिलहाल दिल्ली में करीब 1300 एमजीडी पानी की आवश्यकता है, जबकि उत्पादन और आपूर्ति लगभग 900 एमजीडी के आसपास ही हो पा रही है। यानी रोजाना करीब 400 एमजीडी पानी की कमी बनी हुई है।
हरियाणा से अतिरिक्त पानी की उम्मीद
दिल्ली सरकार ने पानी संकट को देखते हुए हरियाणा सरकार से अतिरिक्त पानी छोड़ने का अनुरोध किया है। जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात हरियाणा की ओर से करीब 980 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लोगों की बढ़ी परेशानी
पानी संकट ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई परिवारों को देर रात और सुबह-सुबह पानी के इंतजार में समय बिताना पड़ रहा है। गर्मी और पानी की कमी के कारण लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.