सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील, अभिजीत दीपके बोले- देश को उनकी जरूरत
By Hitesh — July 22, 2026

Author: — Dainik Dehat
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन देश के लिए बेहद अहम है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अब उन्हें अनशन खत्म कर देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अनशन खत्म करने का मतलब आंदोलन समाप्त होना नहीं होगा।
दीपके ने कहा कि जब तक आंदोलन की प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
25वें दिन अनशन पर सोनम वांगचुक
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक के अनशन का 25वां दिन है। उन्होंने कहा कि बिना भोजन के इतने लंबे समय तक रहने से उनके जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
उन्होंने अपील करते हुए कहा, "देश को उनकी जरूरत है। मैं उनसे अनशन खत्म करने की अपील करता हूं। लेकिन हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।"
दीपके ने कहा कि यदि सोनम वांगचुक अनशन समाप्त भी करते हैं, तब भी प्रदर्शन जारी रहेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटा जाएगा।
आंदोलन शांतिपूर्ण रखने का भरोसा
अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और ऐसी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे आंदोलन या देश की छवि को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए अहिंसा के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।
दीपके के मुताबिक, आंदोलन का उद्देश्य केवल जवाबदेही तय कराना है।
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई
बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
याचिका में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ करेगी।
पुलिस कार्रवाई को लेकर याचिका में आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों ने 28 जून 2026 से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
याचिका के अनुसार, 17 जुलाई तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। इसके बाद 18 जुलाई को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली कराया और कई प्रदर्शनकारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध हटाया या हिरासत में लिया।
इसमें पुलिस पर बल प्रयोग करने और प्रदर्शनकारियों को आगे विरोध जारी रखने से रोकने का आरोप भी लगाया गया है। याचिका में अदालत से मांग की गई है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तय कानूनी प्रक्रिया के अलावा जबरन कार्रवाई, हिरासत, डराने-धमकाने और बल प्रयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाएं।
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