संविधान को खत्म करना चाहती है भाजपा: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के सिद्धांतों से चिढ़ रखती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पीडीए वोटरों में फूट डालने और समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव यह बातें प्रदेश सपा मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी डॉ. राम मनोहर लोहिया और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों पर अडिग है और प्रदेश में सपा की सरकार बनना तय है। उन्होंने भाजपा पर सिर्फ विध्वंस की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
गोरखपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर तंज
अखिलेश यादव ने गोरखपुर के स्वास्थ्य ढांचे की आलोचना करते हुए कहा कि वहां लोगों की आंखों की रोशनी खतरे में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जब गोरखपुर आते हैं तो वहां का वास्तविक हाल नहीं देखते और केवल दिखावे के लिए कार्यक्रम आयोजित कर चले जाते हैं। अखिलेश ने चेताया कि स्वास्थ्य मंत्री को यह समझना चाहिए कि यह स्थिति उनके विभाग खोने का आधार भी बन सकती है।
चुनाव आयोग को ज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि सपा के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने फार्म-7 के दुरुपयोग और मतदाता सूची में गड़बड़ियों की गंभीर शिकायत की है। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग इन शिकायतों पर न्यायसंगत कार्रवाई करेगा और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज होगी।
पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया। यह कार्य सुल्तानपुर, सिकंदरपुर, सरोजनीनगर, जसवंतनगर, अयोध्या, प्रतापगढ़, सकलडीहा, विधूना, नगीना, नहटौर, भोजीपुरा, फर्रूखाबाद, मथुरा, कुंदरकी और शामली विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया गया, आरोप में फर्जी हस्ताक्षर और दबाव का प्रयोग शामिल है।
ज्ञापन में कहा गया कि कई स्थानों पर बीएलओ पर दबाव डालकर या जबरन हस्ताक्षर कराए गए। जसवंतनगर में एक बीएलओ ने भाजपा नेताओं पर धमकी और जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराने की तहरीर दी है।
चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर सवाल
सपा ने कहा कि बार-बार शिकायतें देने के बावजूद चुनाव आयोग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। पार्टी ने मांग की कि फॉर्म-7 से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा शुरू की जाए और रोजाना सार्वजनिक रूप से जानकारी जारी की जाए कि किस विधानसभा क्षेत्र, बूथ और व्यक्ति के नाम पर फॉर्म-7 जमा हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। फॉर्म-7 पर बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और मतदाता और आवेदक को नोटिस रिसीव कराई जाएगी। इस अवसर पर विधायक कमाल अख्तर, डॉ. आरके वर्मा, मनोज पारस, शहजिल इस्लाम और सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह मौजूद रहे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.