नकली दवा रैकेट की जांच में बुलंदशहर पुलिस पर कार्रवाई, 12 जवान लाइन हाजिर

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा नकली दवाओं के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किए जाने के बाद इसकी कड़ी बुलंदशहर से भी जुड़ती नजर आई है। सिकंदराबाद क्षेत्र के जोखाबाद चौकी इलाके में नकली दवाओं की पैकेजिंग से जुड़ी फैक्ट्री सामने आने के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी न दिए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई है।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता को देखते हुए जोखाबाद चौकी प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से खुला राज
दरअसल, हाल ही में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में चल रहे नकली दवा निर्माण रैकेट को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दवाओं की पैकिंग के लिए विशेष रैपर छापने की मशीन का इस्तेमाल कर रहे थे। यह मशीन बुलंदशहर के सिकंदराबाद स्थित जोखाबाद चौकी क्षेत्र में एक किराए के कमरे में लगाई गई थी।
इसके बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों को कस्टडी में लेकर उस स्थान पर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से मशीन बरामद कर अपने साथ ले गई।
सूचना छिपाना पड़ा भारी
नियमों के अनुसार, ऐसी किसी भी अंतरराज्यीय कार्रवाई की सूचना स्थानीय पुलिस को अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होती है। लेकिन जोखाबाद चौकी प्रभारी ने न तो थाना स्तर पर और न ही उच्चाधिकारियों को इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। जब यह मामला एसएसपी तक पहुंचा, तो इसे गंभीर चूक और संदिग्ध आचरण माना गया।
इसके बाद चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह, उपनिरीक्षक सचिन और रोहित, हेड कांस्टेबल मंजूर अहमद, सुनील कुमार, सविस कौशिक, अमित कुमार, कपिल चौधरी तथा कांस्टेबल मेहर सिंह, अंकुर कुमार और रोहित कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया।
जांच की जिम्मेदारी सीओ को
पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए सीओ सिकंदराबाद भास्कर मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि पुलिस की ओर से जानबूझकर जानकारी छिपाई गई या फिर यह महज लापरवाही का मामला था।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। किसी अन्य एजेंसी की कार्रवाई से जुड़ी सूचना को दबाना गंभीर अनुशासनहीनता है। दोषियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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