इमरान खान की बहनों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस दर्ज

इस्लामाबाद/रावलपिंडी। पाकिस्तान पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ अडियाला जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को इमरान खान के परिजनों और वकीलों को जेल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके विरोध में उनकी बहनों और पार्टी समर्थकों ने जेल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था भंग होने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
कई नेताओं पर दर्ज हुई एफआईआर
रावलपिंडी के सदर बेरोनी थाने में दर्ज एफआईआर में इमरान खान की बहनें अलीमा खान और नोरीन नियाजी के अलावा पीटीआई नेता सलमान अकरम राजा, नईम पंजोथा, कासिम खान, आलिया हमजा और राजा नासिर अब्बास के नाम शामिल हैं। पुलिस ने इन पर आतंकवाद विरोधी अधिनियम के साथ-साथ राज्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, पुलिसकर्मियों से झड़प और धारा 144 के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान मौके से कम से कम 14 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मुलाकातों पर लगाए गए हैं प्रतिबंध
गौरतलब है कि अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान के खिलाफ सत्ता से हटाए जाने के बाद कई मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों ने हाल के दिनों में बिना पूर्व सूचना के उनसे मुलाकातों पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का तर्क है कि जेल मुलाकातों का राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इमरान खान से आखिरी मुलाकात 2 दिसंबर को उनकी बहन उजमा खान की हुई थी।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के यातना मामलों से जुड़े एक विशेष विशेषज्ञ ने इमरान खान की जेल में स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञ ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि इमरान खान को प्रतिदिन लगभग 23 घंटे एकांतवास में रखा जा रहा है।
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