छत्तीसगढ़: पेपर लीक केस में ED की बड़ी कार्रवाई, CGPSC के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी गिरफ्तार
By Hitesh — July 27, 2026

HIGHLIGHTS
- CGPSC पेपर लीक मामले में ED ने पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया।
- ED का आरोप है कि प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर कर रिश्तेदारों व पसंदीदा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया गया।
- कोर्ट ने तमन सिंह सोनवानी को 30 जुलाई तक सात दिन की ED हिरासत में भेजा।
Author: — Dainik Dehat
छत्तीसगढ़: देश में पेपर लीक को लेकर सड़क से संसद तक विरोध जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से संसद में ‘परीक्षा संशोधन बिल’ लेकर आई है। वहीं, छत्तीसगढ़ में पेपर लीक मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि तमन सिंह सोनवानी ने गैर-कानूनी लाभ के बदले प्रश्नपत्र लीक करवाए और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी कराई। जांच एजेंसी का दावा है कि इसके जरिए उनके रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को बड़े सरकारी पदों पर चयनित कराया गया।
ED ने पूर्व चेयरमैन को क्यों किया गिरफ्तार?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल ऑफिस के अनुसार, तमन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी स्टेट सर्विस परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं से जुड़े मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
तमन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 30 जुलाई तक सात दिनों के लिए ED की हिरासत में भेज दिया गया।
ED ने यह कार्रवाई रायपुर की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग/एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज FIR और उसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के आधार पर शुरू की थी।
भर्ती नियमों में बदलाव को लेकर क्या आरोप हैं?
यह मामला तमन सिंह सोनवानी और अन्य आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2020 और 2021 में आयोजित CGPSC स्टेट सर्विस परीक्षाओं में कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ा है।
जांच के अनुसार, CGPSC चेयरमैन रहते हुए तमन सिंह सोनवानी ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर कथित साजिश रची। आरोप है कि इसका उद्देश्य गैर-कानूनी लाभ के बदले प्रश्नपत्र लीक करना और चयन प्रक्रिया में हेरफेर करना था।
ED का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए कुछ रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जैसे वरिष्ठ सरकारी पदों पर चयनित कराया गया।
मनी ट्रेल को लेकर ED ने क्या कहा?
जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2021 में CGPSC की भर्ती नियमावली में बदलाव किया गया था। ED का दावा है कि इस बदलाव में "परिवार" की परिभाषा से "भतीजे" शब्द को हटाया गया, जिससे तमन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हो सके।
ED ने बताया कि कथित अपराध से अर्जित राशि का कुछ हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि कुछ रकम कई स्तरों वाले बैंकिंग लेन-देन के जरिए स्थानांतरित की गई।
जांच के दौरान PMLA, 2002 की धारा 50 के तहत दर्ज बयान में तमन सिंह सोनवानी पर टालमटोल करने और असहयोग करने का आरोप लगाया गया है। ED के अनुसार, अपराध से अर्जित धन की जानकारी जुटाने, मनी ट्रेल का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
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