CJP प्रदर्शनकारी संसद भवन के पास पहुंचे, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, कई हिरासत में

HIGHLIGHTS
- CJP के संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रोका और लाठीचार्ज किया।
- पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर हुए प्रदर्शन में कई विपक्षी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
- मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा कड़ी की गई थी, जबकि कई मेट्रो स्टेशनों की एंट्री-एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी संसद भवन के पास पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है। संसद भवन के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को आरबीआई के पास से हिरासत में लिया गया। कुछ प्रदर्शनकारी रेल भवन और प्रेस क्लब के पास धरने पर बैठ गए हैं। इसी बीच खबर है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे हैं।
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात जारी
संसद भवन में अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के बीच बैठक हो रही है। CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, सरकार ने CJP नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे हैं। CJP का दावा है कि सरकार की ओर से सोमवार सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया गया था।
प्रदर्शन के बीच संसद मार्ग थाने पहुंचे पुलिस कमिश्नर
विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार संसद मार्ग थाने पहुंचे। वहीं, संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने और संसद गेट बंद किए जाने को लेकर सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि किसी भी सांसद को गेट पर नहीं रोका जा रहा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर ऐसा चलता रहा तो सदन कैसे चलेगा।
केजरीवाल ने लाठीचार्ज और आंसू गैस पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि बच्चों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारने के बजाय युवाओं पर हमला किया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि युवा इस तरह के रवैये को स्वीकार नहीं करेंगे।
पहले जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े थे प्रदर्शनकारी
इससे पहले जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। नई दिल्ली क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई थी।
CJP के प्रदर्शन में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी शामिल हुई थीं। इनमें आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के अलावा अभिनेता प्रकाश राज और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी शामिल थीं।
चंद्रशेखर आजाद बोले- युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है
आजाद समाज पार्टी कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह युवाओं की आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए इस संघर्ष में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि एक भारतीय युवा होने के नाते वह युवाओं की समस्याओं को समझते हैं और उनके साथ अन्याय हो रहा है।
कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद
CJP के विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने पांच मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दिए थे। इनमें राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ स्टेशन शामिल हैं।
अनुमति नहीं मिलने के बावजूद जुटे समर्थक
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर पहुंच गए थे।
CJP का यह प्रदर्शन पेपर लीक और युवा बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक हो रहे हैं और छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है।
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