जेपी नड्डा से मिले CJP नेता, बातचीत पर बनी सहमति; अभिजीत दीपके ने तोड़ा अनशन

HIGHLIGHTS
- CJP नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर पत्र सौंपा, सरकार से बातचीत पर सहमति बनी।
- CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के आग्रह के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।
- CJP नीट-यूजी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच सरकार और पार्टी के बीच बातचीत को लेकर सहमति बन गई है। CJP प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी। सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से CJP नेताओं ने मुलाकात की। यह बैठक नड्डा के आवास पर हुई और करीब 10 मिनट तक चली। इस दौरान नेताओं ने मंत्री के सामने अपनी मांगों को विस्तार से रखा।
मुलाकात के बाद भूख हड़ताल पर बैठे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि दो घंटे से अधिक इंतजार करने के बाद उन्होंने और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों से जुड़ा लिखित पत्र मंत्री को सौंपा। सौरभ दास के अनुसार, जेपी नड्डा ने उन्हें भरोसा दिया कि वह इस विषय पर आंतरिक स्तर पर बातचीत करेंगे।
अभिजीत दीपके ने खत्म किया अनशन
इस बीच जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना उपवास समाप्त कर दिया। अस्पताल में भर्ती कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। वांगचुक ने उनसे अपनी ऊर्जा बचाने और आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहने की अपील की थी।
वांगचुक ने की थी अनशन खत्म करने की अपील
सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू की थी। सोमवार को संसद मार्च में शामिल होने से पहले उन्होंने जूस पीकर अपना उपवास समाप्त किया। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बताया कि वांगचुक ने दीपके से अनशन खत्म करने का आग्रह किया था, ताकि वह आंदोलन को आगे जारी रखने के लिए अपनी ताकत बनाए रख सकें।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
CJP नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रही है। सोनम वांगचुक 28 जून से इन्हीं मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को CJP की ओर से संसद मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
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