फील्ड मार्शल मुनीर को लेकर नोरीन नियाजी के दावे पर बवाल, पाकिस्तान में जांच शुरू

HIGHLIGHTS
- पाकिस्तान की साइबर अपराध जांच एजेंसी ने इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी को समन जारी किया है।
- नोरीन नियाजी पर सोशल मीडिया के जरिए राज्य संस्थानों को बदनाम करने और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने का आरोप लगाया गया है।
- एजेंसी ने उन्हें सोमवार को इस्लामाबाद स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया है।
पाकिस्तान की साइबर अपराध जांच एजेंसी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी को समन जारी किया है। उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य संस्थानों को बदनाम करने और झूठी, आपत्तिजनक व भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है।
एक इंटरव्यू में नोरीन नियाजी ने दावा किया था कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिलीभगत का परिणाम था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस घटनाक्रम का उद्देश्य पाकिस्तानी सेना की छवि को मजबूत करना था।
नोरीन नियाजी पर लगाए गए आरोप
इंटरव्यू के सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने नोरीन नियाजी को समन जारी किया। एजेंसी ने उन्हें सोमवार को इस्लामाबाद स्थित अपने कार्यालय में पेश होने के लिए कहा है।
समन में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर राज्य संस्थानों को बदनाम करने और झूठे नैरेटिव फैलाने के लिए झूठी, आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री साझा किए जाने के प्रमाण मिले हैं।
एजेंसी के अनुसार, इंटरव्यू में नोरीन नियाजी ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद चार दिनों तक चले संघर्ष में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को कमतर दिखाने की कोशिश की।
पाकिस्तान-इस्राइल और अब्राहम समझौते को लेकर दावा
समन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नोरीन नियाजी ने बिना किसी सबूत के दावा किया कि भारत ने संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाया क्योंकि पाकिस्तान इस्राइल को मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ रहा था।
उन्होंने यह भी कहा था कि पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य पाकिस्तान के लिए अब्राहम समझौते में शामिल होने का रास्ता तैयार करना था।
पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो इस्राइल को मान्यता नहीं देता और उसके साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। वहीं, अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को समेत कई देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित हुए हैं।
जनरल आसिम मुनीर को लेकर किया दावा
नोरीन नियाजी ने यह भी दावा किया कि सैन्य टकराव की पूरी योजना पाकिस्तान की सेना की छवि सुधारने के उद्देश्य से बनाई गई थी। उन्होंने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लेते हुए कहा कि संघर्ष के बाद ही उन्हें प्रमोट कर फील्ड मार्शल का पद दिया गया था।
इंटरव्यू में नोरीन नियाजी ने कहा कि भारत जैसा बड़ा देश 10 मई को पाकिस्तान के हमले का जवाब देने में सक्षम था, लेकिन किसी समझौते के कारण उसने जानबूझकर कड़ा जवाब नहीं दिया।
पीएमएल-एन नेता ने की आलोचना
नोरीन नियाजी के बयान पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता और पंजाब की सूचना एवं संस्कृति मंत्री अजमा बोखारी ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि नोरीन नियाजी का बयान उनके भाई इमरान खान की सोच को दर्शाता है। बोखारी ने आरोप लगाया कि इमरान खान का परिवार हमेशा पाकिस्तान की उपलब्धियों से असहज रहा है और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ इस तरह के बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
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