CEC के इस्तीफे और SIR रद्द करने की मांग, खरगे बोले- इन मुद्दों पर समझौता नहीं

HIGHLIGHTS
- खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर पार्टी की मांगों की जानकारी दी।
- कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगियों के देशभर में प्रदर्शन का दावा किया।
- नागरिक समाज और युवा संगठनों के आंदोलनों का समर्थन करने की बात कही।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को चुनावी व्यवस्था को लेकर पार्टी की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस की तीन मांगें हैं—
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
- स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को रद्द करना।
- बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराना।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सहयोगी इन मांगों के समर्थन में देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
खरगे ने क्या कहा?
खरगे ने अपनी पोस्ट में कहा कि कांग्रेस की तीन ऐसी मांगें हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। इनमें पहली मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की, दूसरी SIR को रद्द करने और तीसरी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की है।
उन्होंने कहा कि इन तीनों मुद्दों को लेकर देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता और ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी सड़कों पर हैं। खरगे ने यह भी कहा कि अलग-अलग स्थानों पर इन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे नागरिक समाज के सदस्यों और युवा संगठनों के साथ कांग्रेस खड़ी है।
महिला पत्रकारों के साथ कथित घटना पर भी जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजधानी में महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित घटना पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली में महिला पत्रकारों को परेशान किया, जो बेहद निंदनीय है।
खरगे ने कहा कि तानाशाह बहुत घबराया हुआ है और ध्यान भटकाने वाली चालों के एक और अध्याय के लिए तैयार रहना चाहिए।
3 अक्टूबर के प्रदर्शन के संदर्भ में आया बयान
कांग्रेस अध्यक्ष की यह प्रतिक्रिया 3 अक्टूबर को राजधानी में ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) और अन्य संगठनों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ SIR प्रक्रिया को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आई है।
जंतर-मंतर के पास हुए इस प्रदर्शन के दौरान आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल तथा प्रशांत भूषण समेत कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) नेहा यादव के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। चेतावनी नहीं मानने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई कि प्रदर्शन स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी और यौन उत्पीड़न किया।
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