भारत किसी दबाव में नहीं झुकेगा, स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहेगा: कीर्ति वर्धन सिंह

HIGHLIGHTS
- सरकार ने देश और नागरिकों की आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता बताया।
- भारत किसी दूसरे देश के कहने पर किसी गुट का हिस्सा नहीं बनता।
- अनुचित तरीके से लगाए जा रहे आयात शुल्क को गलत बताया गया।
नई दिल्ली। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और उसके भारत पर संभावित प्रभाव से जुड़े सवालों पर भारत का रुख स्पष्ट किया है।
उन्होंने कहा कि भारत किसी भी तरह के बाहरी दबाव के आगे झुके बिना अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर आगे भी कायम रहेगा। साथ ही, देश के नागरिकों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बना रहेगा।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत की जनता सरकार की पहली प्राथमिकता है। देश और नागरिकों की आर्थिक मजबूती एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है और किसी दूसरे देश के कहने पर किसी गुट का हिस्सा नहीं बनता, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर फैसले करता है।
विदेशी देशों की ओर से लगाए जा रहे आयात शुल्क को लेकर भारत के पक्ष पर उन्होंने कहा कि अनुचित तरीके से लगाए जा रहे टैरिफ पूरी तरह गलत हैं। भारत किसी भी दबाव में आकर अपने फैसले नहीं करेगा।
किफायती ऊर्जा आपूर्ति पर रहेगा जोर
देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को लेकर कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए एक प्रमुख चिंता है। सरकार देशवासियों को लगातार और किफायती ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा की आपूर्ति उन स्रोतों से जारी रखेगा, जो देश के लिए व्यावसायिक रूप से लाभकारी, व्यावहारिक और किफायती होंगे।
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