महबूबा मुफ्ती के समर्थन में उतरे मीरवाइज, ‘तंत्र साधना’ शिविर पर रोक की मांग

HIGHLIGHTS
- प्रस्तावित कार्यक्रम 24 से 27 सितंबर तक आयोजित होना है।
- रिट्रीट में ध्यान और साउंड हीलिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
- प्रतिभागियों के लिए 11,995 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के नियंत्रण रेखा के पास स्थित संवेदनशील गुरेज क्षेत्र में प्रस्तावित चार दिवसीय ‘तंत्र इन साइलेंस–ए जर्नी विदिन’ रिट्रीट को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है।
24 से 27 सितंबर तक प्रस्तावित इस कार्यक्रम को लेकर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, गुरेज विधायक नजीर अहमद खान ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।
कार्यक्रम की प्रचार सामग्री के मुताबिक, रिट्रीट में ध्यान, साउंड हीलिंग, ‘लव एंड अवेयरनेस’, सचेत जीवन और आंतरिक परिवर्तन जैसी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इसमें प्रति व्यक्ति 11,995 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें भोजन और ठहरने की सुविधा शामिल है। प्रचार सामग्री में स्वामी ध्यान सुमित को फैसिलिटेटर के तौर पर बताया गया है।
सीएम उमर अब्दुल्ला और पुलिस से कार्रवाई की मांग
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का पोस्टर साझा करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर पुलिस को टैग किया। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। महबूबा ने कहा कि गुरेज जैसे संवेदनशील क्षेत्र को आध्यात्मिकता या पर्यटन के नाम पर प्रयोगों का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए।
मीरवाइज उमर फारूक ने भी महबूबा मुफ्ती के बयान का समर्थन करते हुए कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले वर्ष गोवा में इसी संगठन से जुड़े एक कार्यक्रम का उदाहरण दिया, जिसे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद रद्द कर दिया गया था।
गुरेज विधायक नजीर अहमद खान ने भी दावा किया कि इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता के लिए नुकसानदायक बताया।
प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की अनुमति और आयोजन के स्वरूप पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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