IAF के 60 विमान कार्यक्रम के लिए महिंद्रा के साथ बोली लगाएगी एम्ब्रेयर, KC-390 होगा पेश

HIGHLIGHTS
- भारतीय वायुसेना के MTA कार्यक्रम में 60 विमानों की शुरुआती खरीद की योजना है।
- जरूरत पड़ने पर 50 फीसदी तक अतिरिक्त विमान खरीदने का विकल्प रखा गया है।
- एम्ब्रेयर ने 2023 में भारत में C-390 का प्रदर्शन किया था।
ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर ने भारतीय वायुसेना के 60 मल्टी-रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (एमटीए) कार्यक्रम को लेकर अपनी साझेदारी को स्पष्ट किया है। कंपनी के अनुसार, इस रक्षा सौदे के लिए वह महिंद्रा ग्रुप के साथ मिलकर बोली लगाएगी और अपने केसी-390 मिलेनियम विमान को पेश करेगी। वहीं, भारत में बढ़ती कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय उड़ानों की मांग को देखते हुए नागरिक विमानन कारोबार के लिए एम्ब्रेयर ने अदाणी ग्रुप के साथ साझेदारी की है।
सैन्य कार्यक्रम में महिंद्रा, नागरिक कारोबार में अदाणी के साथ साझेदारी
एम्ब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ बोस्को दा कोस्टा जूनियर ने एएनआई से बातचीत में कंपनी की दोनों साझेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में एमटीए कार्यक्रम के लिए महिंद्रा ग्रुप एम्ब्रेयर का भारतीय साझेदार है, जबकि नागरिक विमान कारोबार में कंपनी अदाणी ग्रुप के साथ काम कर रही है।
बोस्को के अनुसार, एम्ब्रेयर ने 2023 में भारत में सी-390 का प्रदर्शन किया था। इसके बाद भारतीय बाजार और संभावित साझेदारों का विस्तृत अध्ययन किया गया और एमटीए कार्यक्रम के लिए महिंद्रा ग्रुप को साझेदार चुना गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य परिवहन विमान कार्यक्रम में महिंद्रा के साथ कंपनी की साझेदारी जारी रहेगी। वहीं, नागरिक विमान क्षेत्र में अदाणी ग्रुप के साथ साझेदारी अलग दिशा में आगे बढ़ेगी।
IAF के लिए 60 विमान, 50 फीसदी अतिरिक्त खरीद का विकल्प
भारतीय वायुसेना के एमटीए कार्यक्रम के तहत पुराने पड़ रहे परिवहन विमान बेड़े को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना है। इसके पहले चरण में 60 परिवहन विमानों की खरीद की योजना बनाई गई है। साथ ही आवश्यकता के अनुसार शुरुआती संख्या से 50 फीसदी तक अतिरिक्त विमान खरीदने का विकल्प भी रखा गया है।
एम्ब्रेयर इस कार्यक्रम के लिए दो इंजन वाले केसी-390 मिलेनियम विमान को पेश कर रही है। इस विमान का इस्तेमाल ब्राजील, पुर्तगाल समेत कई देशों की वायुसेनाएं पहले से कर रही हैं।
कंपनी के रक्षा प्रमुख ने कहा कि केसी-390 को केवल पुराने एएन-32 विमानों के संभावित विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे भारतीय वायुसेना के मध्यम श्रेणी के परिवहन विमान बेड़े को मानकीकृत करने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया जा रहा है।
महिंद्रा, टाटा, HAL समेत पांच कंपनियों को RFP
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के एमटीए कार्यक्रम के लिए पांच कंपनियों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) जारी किया है। इनमें महिंद्रा, टाटा, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), रिलायंस डिफेंस और अदाणी शामिल हैं।
बोस्को ने कहा कि एम्ब्रेयर कार्यक्रम की समयसीमा के अनुसार अपना प्रस्ताव तैयार करने में जुटी है। उनके मुताबिक, भारतीय वायुसेना को अपनी परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए यह क्षमता जल्द चाहिए और कंपनी केसी-390 को इस आवश्यकता के अनुरूप मानती है।
C-130J से तुलना पर एम्ब्रेयर ने बताईं KC-390 की क्षमताएं
सीईओ बोस्को से जब अमेरिकी सी-130जे और केसी-390 की तुलना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने केसी-390 की क्षमताओं को अधिक बताया। उनका दावा है कि केसी-390 ज्यादा सामान ले जाने के साथ अधिक गति और ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।
कंपनी के अनुसार, उसके वैश्विक बेड़े में केसी-390 की उपलब्धता दर करीब 93 फीसदी और मिशन पूरा करने की दर 99 फीसदी है। बोस्को ने बताया कि एक ग्राहक के पास पिछले महीने चार से अधिक विमानों के बेड़े ने 100 फीसदी उपलब्धता हासिल की।
उन्होंने यह भी कहा कि केसी-390 ने संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना के साथ एक सप्ताह तक चले परीक्षण के दौरान बिना पक्की रनवे वाली रेगिस्तानी पट्टियों से संचालन की क्षमता भी प्रदर्शित की है।
भारत को सप्लाई चेन और MRO हब बनाना चाहती है एम्ब्रेयर
एम्ब्रेयर के मुताबिक, दुनियाभर में केसी-390 के करीब 70 विमानों के ऑर्डर हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात के 10 और कोलंबिया के दो नए ऑर्डर भी शामिल हैं।
कंपनी भारत को अपनी वैश्विक सप्लाई चेन और एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देख रही है। बोस्को ने कहा कि एम्ब्रेयर भारत को अपने लिए एक हब के तौर पर विकसित करना चाहती है।
उनके मुताबिक, केसी-390 का वैश्विक बेड़ा लगातार बढ़ रहा है और दुनियाभर में इसके ऑपरेटरों को बेहतर सहायता देने के लिए सप्लाई चेन तथा एमआरओ नेटवर्क का विस्तार जरूरी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.