जेएनयू के शिप्रा हॉस्टल की मेस में खाने में कीड़े-कॉकरोच मिलने का आरोप, छात्राओं ने की शिकायत

HIGHLIGHTS
- छात्राओं ने वरिष्ठ वार्डन को शिकायत पत्र भेजा है।
- अंतर छात्रावास प्रशासन को तस्वीरों के साथ शिकायत दी गई।
- वाटर कूलरों के कई दिनों तक बंद रहने का आरोप लगाया गया।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शिप्रा हॉस्टल की छात्राओं ने मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। छात्राओं का आरोप है कि खाने में कीड़े और कॉकरोच मिलना अब आम हो गया है। इस मामले में छात्राओं ने वरिष्ठ वार्डन को शिकायत पत्र भेजा है। इसके अलावा जेएनयू के अंतर छात्रावास प्रशासन को भी तस्वीरों के साथ पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है।
खाने में कीड़े और कॉकरोच मिलने का आरोप
छात्राओं की शिकायत के मुताबिक हॉस्टल मेस में भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। उनका कहना है कि खाने में कीड़े और कॉकरोच मिलना सामान्य बात हो गई है। वहीं, पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई है।
शिकायत में कहा गया है कि वाटर कूलर कई दिनों तक सूखे रहते हैं या खराब पड़े रहते हैं। इनसे आने वाला पानी अत्यधिक दूषित और दुर्गंधयुक्त होता है। इसके साथ ही हॉस्टल के शौचालयों, गलियारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था को भी असंतोषजनक बताया गया है।
छात्राओं ने शिकायत में दावा किया है कि ऐसी परिस्थितियों के बीच कई छात्राएं पेट के संक्रमण, उल्टी और तेज बुखार से परेशान हैं। एक छात्रा में टाइफाइड की पुष्टि होने का भी उल्लेख किया गया है। वहीं, कुछ अन्य छात्राओं के जलजनित बीमारियों की जांच कराने की बात भी शिकायत में कही गई है।
छात्राओं ने तत्काल निरीक्षण की मांग की
छात्राओं ने सभी वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत और सफाई कराने की मांग की है। सुरक्षित पेयजल के लिए आरओ फिल्टर लगाने, 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने और हॉस्टल परिसर में नियमित रूप से गहन सफाई कराने की मांग भी रखी गई है।
उन्होंने वरिष्ठ वार्डन से हॉस्टल का निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। छात्राओं का कहना है कि अगर उन्हें साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो मेस बंद हो जानी चाहिए। इसके साथ ही मेस सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्राओं ने जल्द जीबीएम बुलाने की मांग भी की है।
दूसरे हॉस्टलों की मेस पर भी सवाल
वहीं, एक छात्र ने कहा कि जेएनयू में रहना मुश्किल हो गया है और प्रशासन की ओर से मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। छात्र के मुताबिक कावेरी, शिप्रा, कोयना समेत कई अन्य हॉस्टलों की मेस में भी कई बार खाने में कीड़े पाए गए हैं।
छात्र ने कहा कि मेस प्रशासन से शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। हॉस्टल में समय पर पानी नहीं आता और नहाने के समय भी पानी उपलब्ध नहीं रहता। शौचालयों की सफाई नहीं होने के साथ हॉस्टल परिसर में भी गंदगी रहती है।
खबर लिखे जाने तक इस मामले में जेएनयू के डीन छात्र कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।
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