गुरुग्राम में बिजनौर पुलिस की दबिश के दौरान हिस्ट्रीशीटर ने खुद को मारी गोली, पांच पुलिसकर्मी निलंबित

HIGHLIGHTS
- नांगल पुलिस की टीम जानलेवा हमले के आरोपित को पकड़ने गुरुग्राम पहुंची थी।
- दबिश के दौरान आरोपित को शरण देने वाले हिस्ट्रीशीटर डिकेंद्र पाल ने खुद को तमंचे से गोली मार ली।
- उपचार के दौरान डिकेंद्र पाल की मौत हो गई।
बिजनौर। नांगल पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया है। जानलेवा हमले के एक आरोपित को हरियाणा के गुरुग्राम में पकड़ने पहुंची पुलिस टीम की दबिश के दौरान उसे शरण देने वाले हिस्ट्रीशीटर ने मंगलवार को तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मामले में एसपी ने बिना अधिकारियों को जानकारी दिए गैर प्रदेश में जाने और दबिश के दौरान लापरवाही बरतने पर नांगल थाने में तैनात एक दारोगा समेत चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
नांगल थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव निवासी सविता पर गांव के युवकों पर फायरिंग करने का आरोप था। इस मामले में थाने में पंकज और मोंटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मोंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि आरोपित पंकज की तलाश जारी थी। 25 अगस्त को आरोपित पंकज की लोकेशन हरियाणा के गुरुग्राम शहर में मिली थी।
सूचना मिलने के बाद 25 अगस्त को नांगल थाने के दारोगा हरस्वरुप शर्मा सिपाही सुजीत, रोहित, पवन शर्मा और अरूण राजोराव के साथ आरोपित को गिरफ्तार करने गुरुग्राम पहुंचे। आरोपित उस समय नांगल थाना क्षेत्र के लालपुर सोजीमल गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर डिकेंद्र पाल के यहां ठहरा हुआ था। पुलिस की दबिश के दौरान डर के चलते डिकेंद्र पाल ने तमंचे से खुद को गोली मार ली। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हालांकि, पुलिस टीम ने पंकज को गिरफ्तार कर लिया। डिकेंद्र पाल के पिता या भाई नहीं होने के कारण उसके चाचा गुरुग्राम से शव लेकर आए और 27 अगस्त की शाम बालवाली घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद मामला एसपी के संज्ञान में पहुंचा। जांच में सामने आया कि पुलिस टीम ने बिना अधिकारियों को सूचना दिए दबिश दी थी। हालांकि, स्थानीय थाने में आमद दर्ज कराई गई थी, लेकिन दबिश के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी।
एसपी कृष्ण कुमार ने दारोगा हरस्वरुप शर्मा, सिपाही सुजीत, सिपाही रोहित, सिपाही पवन शर्मा और सिपाही अरूण राजोराव को निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि दबिश के दौरान लापरवाही बरतने, हिस्ट्रीशीटर के आत्महत्या करने और लिखित अनुमति नहीं लेने के मामले में दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.