मुजफ्फरनगर में अधिकारियों पर भड़के मंत्री, पूछा- 288 लोग मिले तो रिपोर्ट शून्य क्यों?

HIGHLIGHTS
- बैठक में मैनुअल स्कैवेंजर्स की परिभाषा पर भी सवाल हुआ।
- पात्र लोगों को अनुदान, ट्रेनिंग और ऋण का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
- सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन देने का मुद्दा उठा।
मुजफ्फरनगर के विकास भवन में शुक्रवार को हुई बैठक का एक वीडियो सामने आया है। इसमें राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराजगी जताते हुए दिखाई दे रहे हैं। बैठक में 288 लोगों के चिन्हित होने के बावजूद ‘शून्य’ रिपोर्ट भेजे जाने का मामला प्रमुखता से उठा।
मंत्री ने पूछा- 288 लोग चिन्हित हुए तो शून्य रिपोर्ट क्यों भेजी?
वीडियो में मंत्री एक महिला अधिकारी से सर्वे को लेकर सवाल करते नजर आते हैं। अधिकारी बताती हैं कि टीम के साथ सर्वे कराया गया था, जिसमें 288 लोग चिन्हित किए गए थे। इस पर मंत्री ने सवाल किया कि जब सर्वे में 288 लोगों की पहचान हुई तो फिर ‘शून्य’ रिपोर्ट क्यों भेजी गई?
इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से मैनुअल स्कैवेंजर्स की परिभाषा के बारे में भी पूछा। मंत्री ने कहा कि जिले में कई ईओ मौजूद हैं, ऐसे में सभी की रिपोर्ट ‘शून्य’ कैसे आ सकती है। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित कानून की जानकारी होना जरूरी है और सर्वे भी सही तरीके से कराया जाना चाहिए।
बोले- लापरवाही से पात्र लोग योजनाओं से वंचित हो सकते हैं
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उनकी लापरवाही के चलते पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों के लिए सरकार की ओर से अनुदान, ट्रेनिंग और ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
वेतन, क्लेम और मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मुद्दा उठाया
सफाई कर्मचारियों से संबंधित मामलों को लेकर मंत्री ने ईओ को भी फटकार लगाई। वीडियो में वह कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने, कर्मचारी की मृत्यु के बाद क्लेम और मृतक आश्रितों को नौकरी न मिलने जैसे मामलों पर सवाल उठाते दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी सफाई कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। मृतक आश्रितों की नियुक्ति को लेकर उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी का बेटा या बेटी पढ़ा-लिखा है तो उसकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी दी जानी चाहिए।
सुपरन्यूमरेरी व्यवस्था लागू करने की बात
मंत्री ने कहा कि शासनादेश के अनुसार यदि संबंधित पद उपलब्ध नहीं है तो सुपरन्यूमरेरी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों में शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के मिनट्स में निर्देश दर्ज कराने को कहा
वीडियो के अंत में मंत्री अधिकारियों से अपने निर्देशों को बैठक के मिनट्स में दर्ज कराने और सभी ईओ को उनका पालन सुनिश्चित कराने की बात कहते नजर आते हैं।
बैठक में मैनुअल स्कैवेंजिंग के अलावा सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े कर्मचारियों की स्थिति को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी मांगी गई।
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