सिक्किम में भारी बारिश का असर, गंगटोक के कई इलाकों में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित

HIGHLIGHTS
- डीडीएमए की बहु-विभागीय टीम ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
- सिरिक क्षेत्र में मलबे की चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
- सिच्चे का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बारिश से प्रभावित हुआ।
गंगटोक। लगातार बारिश के चलते सिक्किम में एक बार फिर पहाड़ी ढलानों की संवेदनशीलता सामने आई है। राजधानी गंगटोक के कई हिस्सों में भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और सड़कों पर मलबा जमा होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का व्यापक आकलन शुरू कर दिया है। इस दौरान मकानों और सड़कों के अलावा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा अस्थिर पहाड़ी ढलानों की भी जांच की जा रही है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए बहु-विभागीय टीम तैनात की है। टीम ने गंगटोक के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण का नेतृत्व काबी तिंगदा के विधायक छेरिंग टी. भूटिया ने किया। टीम में डीडीएमए अधिकारी, सड़क एवं पुल विभाग के अभियंता, रांका खंड विकास अधिकारी, राजस्व सर्वेक्षक और पार्षद शामिल रहे।
टीम ने बोजोघारी, लोअर बोजोघारी, लिंगदिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कालोनी, अपर जेड-बोजोघारी, पांगथांग-लिंगदोक रोड, पामरो गांव, लिंग पेरबिंग, अपर एवं मिडिल लुइंग, फेंजोंग, रांका, राकडोंग तिनटेक, दारागांव, अपर बर्टुक, सिचे और अरिथांग समेत कई इलाकों का जायजा लिया।
सिरिक में मलबे की चपेट में आए वाहन
बोजोघारी के सिरिक क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क का किनारा मिट्टी और मलबे से ढक गया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई वाहन भी मलबे की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। लगातार बारिश के चलते इस इलाके में आगे भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
कई जगह सड़कें मिट्टी और मलबे के कारण बंद हैं। प्रशासनिक और तकनीकी दल उन आवासीय क्षेत्रों का भी निरीक्षण कर रहे हैं, जहां पहाड़ी ढलान खिसकने से मकानों को खतरा पैदा हुआ है। कुछ घरों को आगे भूस्खलन की आशंका के चलते संवेदनशील माना गया है।
बारिश का असर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। सिच्चे स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुआ है। इसके अलावा इंचे स्कूल के पास 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के आसपास जमा मलबे को भी संभावित खतरे के तौर पर देखा जा रहा है।
अस्थिर भूस्खलन वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी के रिसाव को कम करने के लिए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर तिरपाल लगाए हैं। जिला अधिकारी एवं डीडीएमए अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को मलबा हटाने, सड़क संपर्क बहाल करने, नुकसान का सत्यापन करने और प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बर्दांग में फिर थमा एनएच-10
सिक्किम को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर बर्दांग के पास भूस्खलन के चलते यातायात एक बार फिर बाधित हो गया है। सड़क पर मिट्टी और मलबा आने के बाद राजमार्ग को बंद करना पड़ा।
एनएच-10 का बर्दांग हिस्सा बारिश के दौरान बार-बार होने वाले भूस्खलन के लिए जाना जाता है। लंबे समय तक या लगातार बारिश होने पर यहां सड़क बाधित होना आम समस्या बन गई है। इस बार भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिससे सिक्किम की सड़क संपर्क व्यवस्था की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है।
लगातार बारिश के दौरान इस मार्ग पर बार-बार मलबा गिरने और सड़क बंद होने की घटनाओं ने संवेदनशील हिस्सों के स्थायी समाधान की जरूरत को सामने रखा है। तत्काल मलबा हटाकर यातायात बहाल करना जरूरी है, लेकिन ऐसी घटनाओं से बार-बार निपटने के लिए ढलानों को स्थिर करने और सड़क की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सिक्किम जैसे पर्वतीय राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ स्थानीय यातायात का साधन नहीं है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और पड़ोसी क्षेत्रों से संपर्क का प्रमुख आधार है। ऐसे में बारिश के दौरान बार-बार सड़क संपर्क टूटना केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि व्यापक आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा से जुड़ा विषय भी बन जाता है।
प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन का निरीक्षण जारी है। बारिश लगातार होने के कारण अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से भूस्खलन संभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अस्थिर ढलानों के आसपास रहने वाले लोगों से जमीन या मकान में दरार, ढलान खिसकने या मलबा गिरने के संकेत मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।
बता दें कि 20 माइल बंद होने के कारण राजधानी गंगटोक की पहुंच लंबी हो गई है। इसके साथ ही मंगन जिले के लिए भी नागरिकों को लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग के तौर पर रंगपो से डुगा, सिंगताम अस्पताल होते हुए यात्रा करने की सलाह दी है। वहीं, रंगपो से पाक्योंग का रास्ता भी फिलहाल खुला है, जहां से गंगटोक पहुंचा जा सकता है।
प्रशासनिक जानकारी
पाक्योंग जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, एनएच-10 के 20वें माइल बर्दांग में 17 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे हुए ताजा भूस्खलन और पत्थर गिरने के बाद मार्ग अभी भी बंद है।
यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। अगर बारिश और होती है तो स्थिति और खराब हो सकती है। एनएचआईडीसीएल की ओर से मलबा हटाने का काम जारी है।
मौके पर करीब 5-6 जेसीबी और अन्य भारी मशीनें लगाई गई हैं। सड़क बहाली का काम लगभग आधा पूरा होने की जानकारी है। बाकी मलबा हटाने के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
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