अमेरिका में AI को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान, ‘AI Force’ बनाने की तैयारी

HIGHLIGHTS
- ट्रंप ने AI उद्योग के विकास में बाधा नहीं डालने की बात कही।
- उन्होंने AI को अगली औद्योगिक क्रांति और इंटरनेट जैसा बताया।
- ट्रंप के मुताबिक AI अमेरिका के GDP में 25% तक योगदान दे सकता है।
अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार ‘एआई फोर्स’ बनाने की तैयारी कर रही है और जल्द ही एक ‘एआई सीजर’ की नियुक्ति का ऐलान किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को ‘खत्म या नष्ट’ होने देने के लिए चुपचाप नहीं बैठेंगे।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण उद्योग के विकास में किसी भी तरह की बाधा नहीं डालेगा और न ही इसे रोकने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा, “हम किसी भी तरह इस अविश्वसनीय उद्योग के विकास में बाधा नहीं डालेंगे या उसे दबाएंगे नहीं। इसके बजाय, हम इसे महत्व देंगे, इसकी मदद करेंगे और इसके बढ़ने के साथ इस पर नजर रखेंगे। हालांकि, हम बुरे कामों पर भी नजर रखेंगे और मौजूदा आपराधिक और दीवानी न्याय व्यवस्था के जरिये ऐसा आसानी से कर सकते हैं।”
ट्रंप पहले बना चुके हैं स्पेस फोर्स?
डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2019 में अंतरिक्ष में अमेरिकी दबदबा बढ़ाने के उद्देश्य से स्पेस फोर्स का गठन किया था। वहीं, हाल में अमेरिका ने पहली बार स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि उसके पास अंतरिक्ष की कक्षा में तैनात ऐसे हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल दुश्मन की कार्रवाई का मुकाबला करने के साथ-साथ आक्रामक और रक्षात्मक अभियानों में किया जा सकता है।
यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, चीन और रूस के बीच अंतरिक्ष में सैन्य वर्चस्व को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
क्या इंटरनेट जैसी क्रांति है एआई?
ट्रंप ने एआई को अगली औद्योगिक क्रांति या इंटरनेट जैसी तकनीकी क्रांति के रूप में बताया। उनके मुताबिक, यह तकनीक अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत तक योगदान दे सकती है।
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने एआई के ‘नष्ट होने’ की बात को डेमोक्रेट्स की ओर से फैलाए जा रहे ‘कई झूठे दावों’ में से एक बताया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तापमान बढ़ने के मुद्दे को भी ऐसे दावों की सूची में रखा और कहा कि इनसे अमेरिका को ‘नुकसान’ हो रहा है।
हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावित ‘एआई फोर्स’ की संरचना या ‘एआई सीजर’ की जिम्मेदारियों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यह घोषणा अमेरिका में एआई के तेजी से बढ़ते विकास और इससे जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर जारी बहस के बीच हुई है।
अमेरिका और चीन के बीच एआई को लेकर क्यों बढ़ रही होड़?
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा था कि अमेरिका एआई की दौड़ में चीन से पीछे नहीं रह सकता। उन्होंने अमेरिकी तकनीकी कंपनियों से तकनीक चुराने वाले चीनी लोगों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ब्लांश ने एआई को बेहद लाभकारी तकनीक बताया और इसे नियंत्रित करने या इसकी रफ्तार कम करने के लिए न्याय विभाग से जुड़ी मांगों को खारिज कर दिया।
ब्लांश ने कहा, “हम चीन से एआई की दौड़ नहीं हार सकते, है ना? राष्ट्रपति ट्रंप ऐसा कहते हैं, हर कोई ऐसा कहता है, लेकिन वे ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि यह सच है।”
उनकी यह टिप्पणी तकनीकी क्षेत्र के नेताओं की उन चेतावनियों से जुड़े सवालों के बाद आई, जिनमें तेजी से विकसित हो रही एआई प्रणालियों से राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य गंभीर जोखिम पैदा होने की आशंका जताई गई है। ब्लांश ने कहा कि न्याय विभाग एआई से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच करेगा, लेकिन वह तकनीक के नियामक की भूमिका नहीं निभाएगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.