राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास का किया जिक्र

HIGHLIGHTS
- सुधांशु त्रिवेदी ने NCP और TMC के गठन का जिक्र किया।
- उन्होंने शरद पवार के 1999 में कांग्रेस से अलग होने की बात कही।
- ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होकर TMC बनाने का उदाहरण दिया।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को पलटवार किया। बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी जिन राजनीतिक दलों का उदाहरण देकर भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें उन दलों के इतिहास की जानकारी भी होनी चाहिए।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके बारे में देश में यह धारणा है कि उन्हें देश, समाज, संस्कृति और धर्म की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के शुक्रवार के ट्वीट से ऐसा लगता है कि उन्हें अपनी पार्टी के इतिहास की भी जानकारी नहीं है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा पर आरोप लगाते समय राहुल गांधी को यह भी देखना चाहिए कि जिन पार्टियों का वह नाम ले रहे हैं, उनका इतिहास क्या रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एनसीपी, शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस का नाम लेते हुए भाजपा पर इन दलों को खत्म करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी प्रवक्ता ने एनसीपी का जिक्र करते हुए कहा कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी कांग्रेस से अलग होकर बनी थी। उनके मुताबिक, शरद पवार 1999 में विदेशी मूल के नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग हुए थे।
TMC को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने तृणमूल कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी के नाम में ही कांग्रेस शब्द शामिल है। उन्होंने कहा कि 1997 में ममता बनर्जी कांग्रेस के अंदर की परिस्थितियों के कारण अलग हुई थीं और इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का गठन किया।
उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि उनके परिवार ने क्या-क्या किया है। त्रिवेदी ने अशोक गहलोत का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब तीन साल पहले वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे थे, जबकि दो-तीन महीने पहले गहलोत ने बयान दिया था कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनने दिया गया और उन्हें निपटा दिया गया।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं। उन्होंने जनता पार्टी की सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह के साथ धोखा किसने किया था। उन्होंने इसे ऐसा उदाहरण बताया, जिसमें समर्थन देने के बाद संसद सत्र का सामना करने से पहले ही समर्थन वापस ले लिया गया।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में शिवसेना, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस का जिक्र करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दलों को तोड़ने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हर बार एक जैसा पैटर्न देखने को मिलता है, जिसमें भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है।
राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’ बताया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक आयोग उन ताकतों की मदद कर रहा है जो जनता के फैसले को पलटना चाहती हैं।
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि हर उस राजनीतिक दल और मतदाता की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.