बेंगलुरु में 8 लाख की रिश्वत लेते CGST सुपरिंटेंडेंट गिरफ्तार, बिचौलिया भी गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- शिकायतकर्ता सैयद जमीर ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी।
- रिश्वत की रकम कोरमंगला स्थित केंद्रीय सदन में ली जा रही थी।
- सलमान शेख पर बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
बेंगलुरु। बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त की विशेष टीम ने एक योजनाबद्ध ट्रैप ऑपरेशन के दौरान सेंट्रल जीएसटी के सुपरिंटेंडेंट को 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए कैमरे में रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी अधिकारी की पहचान मोहित प्रताप सिंह के तौर पर हुई है। वह साउथ कमिश्नरेट के साउथ डिवीजन-4 में सेंट्रल जीएसटी सुपरिंटेंडेंट के पद पर तैनात हैं।
लोकायुक्त के अनुसार, सिंह ने लंबित जीएसटी बकाए और एक व्यापारी के खिलाफ दर्ज कथित झूठी शिकायत को बंद करने के बदले 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
झूठी शिकायत खत्म करने के लिए मांगे 8 लाख
लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता सैयद जमीर ने आरोप लगाया था कि लंबित सेंट्रल जीएसटी बकाए से जुड़े मामले में उनके खिलाफ दर्ज झूठी शिकायत को बंद करने के लिए मोहित प्रताप सिंह ने 8 लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद परेशान व्यापारी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की।
बिचौलिए के जरिए ली जा रही थी रिश्वत
शिकायत मिलने के बाद बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त के अधिकारियों ने ट्रैप की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान सिंह को एक बिचौलिए के माध्यम से रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त के अनुसार, सलमान शेख नामक एक निजी व्यक्ति ने कथित तौर पर इस लेन-देन में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। उसे भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, रिश्वत की रकम कोरमंगला स्थित केंद्रीय सदन में अधिकारी के चैंबर के अंदर ली जा रही थी। इसी स्थान पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7A के तहत केस दर्ज किया गया है। लोकायुक्त ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
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