भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि निर्यात होगा मजबूत: अशोक बालियान

मुजफ्फरनगर। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमेन अशोक बालियान ने सोमवार को नई दिल्ली में नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद्रा से मुलाकात की। दोनों ने भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए कृषि और व्यापार समझौते पर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान प्रो. चंद्रा ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के लिए नए अवसर खोल सकता है और भारत केवल उन्हीं कृषि उत्पादों का आयात करेगा जिनकी देश में कमी है। अशोक बालियान ने भी इस बात पर जोर दिया कि समझौते के बाद भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिकी बाजार में शून्य या न्यूनतम शुल्क पर बेहतर पहुंच मिलेगी।
बैठक में यह भी साझा किया गया कि पिछले पांच वर्षों में भारत ने अमेरिका को लगभग 20-25 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए हैं। इसमें बासमती और गैर-बासमती चावल, चाय, कॉफी, मसाले, काजू, तिलहन, बेक्ड उत्पाद, फल-सब्जियां, प्रोसेस्ड फूड, शहद, वनस्पति उत्पाद, मसालों के तेल, ओलेओरेजिन्स, तिल, तैयार भोजन, आम का गूदा, स्नैक्स-नमकीन और झींगा/समुद्री खाद्य जैसे फ्रोजन श्रिम्प शामिल हैं।
वहीं, अमेरिका ने इस अवधि में भारत को लगभग 7-9 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए। इनमें ट्री नट्स (बादाम, पिस्ता आदि), एथेनॉल, पशु-चारा उत्पाद, कपास, दालें, सीमित मात्रा में डेयरी उत्पाद, फीड/फॉडर और आवश्यक तेल प्रमुख रहे। आंकड़ों के अनुसार, भारत का अमेरिका के साथ कृषि व्यापार लगभग 10-15 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा है, यानी निर्यात आयात से अधिक रहा।
भविष्य की योजना पर बात करते हुए, दोनों ने कहा कि भारत का लक्ष्य अगले वर्षों में अमेरिका को कृषि-फूड निर्यात को 100 अरब डॉलर से अधिक तक बढ़ाना है, जबकि अमेरिका से भारत में कृषि-फूड आयात लगभग 14-15 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
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