वंदे मातरम के अपमान पर होगी जेल: मोदी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के सम्मान और उसकी गरिमा की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद वंदे मातरम के गायन में बाधा डालना या उसका अपमान करना अब कानूनन अपराध माना जाएगा।
राष्ट्रगान जैसी ही कानूनी सुरक्षा
संशोधन के बाद वंदे मातरम को भी वही कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो पहले से राष्ट्रगान “जन गण मन” को प्राप्त है। अभी तक कानून में राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान पर सजा का प्रावधान था, लेकिन राष्ट्रीय गीत इसमें शामिल नहीं था।
नए प्रावधान के तहत यदि कोई व्यक्ति वंदे मातरम के गायन में जानबूझकर बाधा डालता है या उसका अपमान करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। प्रस्ताव को संसद की मंजूरी मिलने के बाद यह नियम पूरी तरह लागू हो जाएगा।
सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा पर जोर
इस निर्णय का कई नेताओं ने स्वागत किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद Anurag Thakur ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है और लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी।
वंदे मातरम के लिए नया प्रोटोकॉल
इससे पहले इसी वर्ष गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम के गायन के लिए एक आधिकारिक प्रोटोकॉल भी जारी किया था। इसके अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम की छह पंक्तियां गाई जाएंगी, जिनकी अवधि लगभग तीन मिनट 10 सेकंड होगी।
नियम के मुताबिक, जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों प्रस्तुत किए जाएं, वहां वंदे मातरम पहले गाया जाएगा। साथ ही राष्ट्रपति के आगमन या ध्वजारोहण जैसे अवसरों पर इसके दौरान सभी को खड़े रहना अनिवार्य होगा।
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