‘मुस्लिमों से भेदभाव कर रही केंद्र सरकार’, केरल सीएम का बड़ा बयान

केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार देश के मुस्लिम समुदाय के साथ समान नागरिकों जैसा व्यवहार नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि केंद्र द्वारा लाए गए कुछ कानून और फैसले, जैसे नागरिकता से जुड़े प्रावधान और वक्फ से संबंधित नए नियम, अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा से दूर करने का काम कर रहे हैं।
पी. विजयन यह टिप्पणी ‘केरल मुस्लिम जमात’ की ओर से आयोजित ‘केरल यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में कर रहे थे। यह यात्रा एक जनवरी को कासरगोड से शुरू होकर राज्य के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए तिरुवनंतपुरम में संपन्न हुई।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मुस्लिम और ईसाई समाज के लोगों तथा उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है।
सीएम विजयन ने यह भी स्पष्ट किया कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता एक-दूसरे को ताकत देती हैं और किसी एक के सहारे दूसरी से नहीं लड़ा जा सकता। उनके अनुसार, इसका एकमात्र रास्ता धर्मनिरपेक्ष सोच को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि केरल ने अतीत में सांप्रदायिक हिंसा के कठिन दौर देखे हैं, लेकिन वामपंथी सरकार की सख्त नीतियों के कारण अब राज्य में हालात नियंत्रण में हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि धर्म के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिकता के प्रति नरमी या तुष्टीकरण की नीति समाज के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
कांथापुरम ए.पी. अबू बकर मुसलियार के नेतृत्व में निकाली गई ‘केरल यात्रा’ की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में धर्म या पहचान के आधार पर लोगों को अलग करने की कोशिशें हो रही हों, तब इस तरह की पहल समाज को जोड़ने का काम करती हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती हैं।
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