लेम्बोर्गिनी हादसा: कारोबारी पुत्र का एफआईआर में नहीं था नाम, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

कानपुर। वीआईपी रोड पर रविवार दोपहर हुई एक हाईप्रोफाइल सड़क दुर्घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। तंबाकू व्यवसायी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लग्जरी लेम्बोर्गिनी कार की टक्कर से तीन लोग घायल हो गए, लेकिन शुरुआती स्तर पर मामले को हल्के में लेने और दबाने की कोशिश के आरोप लगे हैं। घटना के बाद कार को थाने लाकर ढंक दिया गया और अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
मामला सामने आने और दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की। पड़ताल में कार चालक के रूप में शिवम मिश्रा का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर ग्वालटोली थाना प्रभारी संतोष गौड़ को लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की औपचारिक पुष्टि की जा रही है और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कैसे हुआ हादसा
आर्यनगर निवासी व्यापारी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा रविवार दोपहर दिल्ली नंबर की लेम्बोर्गिनी से वीआईपी रोड की ओर जा रहा था। रिंग रोड चौराहे के पास कार अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे खड़े ऑटो और एक बुलेट से टकराई, फिर फुटपाथ पर चढ़ गई। इस दौरान चमनगंज निवासी मो. तौफीक अहमद को पैर में चोट आई, जबकि बुलेट सवार विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी को भी हल्की चोटें आईं।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया कि शिवम के साथ चल रहे निजी सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कार से बाहर निकालने की कोशिश की, जिस पर स्थानीय लोगों से उनकी कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सुरक्षा कर्मी कार का शीशा तोड़कर शिवम को बाहर निकालकर निजी अस्पताल ले गए।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल
घटनास्थल पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस ने घायल तौफीक को उर्सला अस्पताल भिजवाया और कार को थाने ले गई। तौफीक की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर केस की दोबारा जांच शुरू हुई।
डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में शिवम मिश्रा की भूमिका सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पहचान की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने दी सफाई
शिवम के परिजनों का कहना है कि वह पिछले छह महीनों से बीमारी से जूझ रहे हैं और इंग्लैंड में उनका इलाज चल रहा है। उनका दावा है कि वाहन चलाते समय अचानक तबीयत बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पुलिस ने इस दावे के समर्थन में मेडिकल दस्तावेज मांगे हैं।
घर पहुंची पुलिस, नहीं मिला कोई
सोमवार को मामला चर्चा में आने के बाद पुलिस आर्यनगर स्थित केके मिश्रा के आवास पर पहुंची, लेकिन करीब एक घंटे तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई बाहर नहीं आया। पुलिस का कहना है कि परिवार फिलहाल दिल्ली में रहता है। शिवम को नोटिस देकर बुलाया जाएगा, जरूरत पड़ी तो टीम दिल्ली भेजी जाएगी।
पुलिस आयुक्त का बयान
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज हुई थी, लेकिन विवेचना में शिवम मिश्रा का नाम सामने आया है। केस में आवश्यक धाराएं जोड़ी जा रही हैं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
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