CJP प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग के आरोपों पर MEA का जवाब, कहा- नहीं है कोई जानकारी

HIGHLIGHTS
- CJP प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग के आरोपों पर MEA ने कहा- मंत्रालय के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी फंडिंग की NIA जांच की मांग वाली याचिका पर आदेश देने से इनकार किया।
- याचिका में आंदोलन को विदेशी संगठनों से फंडिंग मिलने का आरोप लगाया गया था।
नई दिल्ली। CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच विदेशी फंडिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग, पाकिस्तान और खाड़ी देशों के सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े आरोपों के साथ-साथ टूलकिट साजिश की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, विदेशी फंडिंग के आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसके पास इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब CJP प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग या पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मंत्रालय के पास इस मामले में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हुई थी याचिका
CJP के प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग की जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आंदोलन को विदेशी संगठनों और देश-विरोधी तत्वों से फंडिंग मिल रही है। इसमें मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की गई थी।
याचिका में यह भी दावा किया गया था कि छात्रों के नाम से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है और यह संसद भवन को घेरने की बड़ी साजिश का हिस्सा था।
हाईकोर्ट ने जांच के आदेश देने से किया इनकार
शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के सामने इस याचिका पर करीब एक घंटे तक सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।
पीठ ने NIA जांच की मांग वाली याचिका पर विचार करने से मना करते हुए कहा कि गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी स्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पहले से मौजूद हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.