फर्जी अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग, हिंदू संगठनों ने नरेश टिकैत से की मुलाकात

HIGHLIGHTS
- हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सिसौली पहुंचकर चौधरी नरेश टिकैत से मुलाकात की।
- कार्यकर्ताओं ने फर्जी अस्पतालों के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
- कुछ अस्पतालों के मामले में कथित सिफारिश किए जाने की शिकायत सामने आने का आरोप लगाया गया।
मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निर्धना में फर्जी अस्पतालों और अवैध चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सिसौली पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से मुलाकात कर फर्जी अस्पतालों और उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
कार्रवाई प्रभावित करने के लिए सिफारिश का आरोप
हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए किसान संगठनों से जुड़े कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर सिफारिश किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। संगठनों का कहना है कि अस्पतालों के संचालन में नियमों और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। कार्रवाई किसी भी तरह के दबाव में नहीं रुकनी चाहिए।
नरेश टिकैत ने डीएम से फोन पर की बातचीत
मामले को गंभीरता से लेते हुए चौधरी नरेश टिकैत ने डीएम उमेश मिश्रा से फोन पर बात की। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, नरेश टिकैत ने जिलाधिकारी से नियमों के विपरीत संचालित फर्जी अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही किसी भी तरह की गलत सिफारिश को स्वीकार नहीं करने की बात कही गई।
अस्पतालों की व्यापक जांच की मांग
हिंदू संगठनों ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जिले में संचालित अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों की व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। संगठनों ने कहा कि निर्धारित नियमों और मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई होनी चाहिए।
लगातार शिकायतों के बाद मामला चर्चा में
मुजफ्फरनगर में बीते दिनों निजी अस्पतालों को लेकर शिकायतें और प्रशासनिक कार्रवाई सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। अब हिंदू संगठनों के सिसौली पहुंचकर नरेश टिकैत से मुलाकात करने और उनके द्वारा जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत किए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।
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