अफजाल अंसारी की डालीबाग कोठी पर छह साल से गृहकर-जलकर बकाया

HIGHLIGHTS
- कोठी फरहत अंसारी के नाम दर्ज है।
- गृहकर का बकाया 56,130 रुपये है।
- जलकर-सीवर कर के 48,270 रुपये बकाया हैं।
दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी की डालीबाग स्थित कोठी पर करीब छह साल से गृहकर और जलकर-सीवर कर का भुगतान नहीं हुआ है। दस्तावेजों के मुताबिक करीब 6700 वर्ग फीट में बनी यह कोठी अफजाल की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज है। फिलहाल इस संपत्ति पर 56,130 रुपये गृहकर और 48,270 रुपये जलकर-सीवर कर बकाया है।
तिलक मार्ग के पास प्लॉट नंबर 14बी में स्थित इस कोठी का वार्षिक गृहकर 4,941 रुपये है। लंबे समय तक कर जमा नहीं होने के कारण 12 प्रतिशत सालाना ब्याज जुड़ता गया और बकाया बढ़कर 56,130 रुपये हो गया। वहीं, जलकर-सीवर कर 4,118 रुपये सालाना निर्धारित है। इसमें 7,912 रुपये सरचार्ज जुड़ने के बाद कुल बकाया 48,270 रुपये हो गया।
गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में इस कोठी को चार साल पहले कुर्क किया गया था। दूसरी ओर, गृहकर और जलकर करीब छह साल से जमा नहीं किया गया। यानी जब तक कोठी अफजाल के कब्जे में थी, तब से ही उसका गृहकर और जलकर जमा नहीं हुआ।
इसलिए कुर्क हुई थी कोठी
गाजीपुर प्रशासन ने इस संपत्ति को बेनामी मानते हुए कार्रवाई की थी। आरोप था कि अफजाल ने संगठित अपराध से अर्जित धन से वर्ष 1998 में यह संपत्ति अपनी पत्नी फरहत अंसारी के नाम लीज पर ली थी। कुर्की की कार्रवाई के खिलाफ परिवार ने पहले जिला जज कोर्ट और इसके बाद एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में अपील की।
स्पेशल कोर्ट ने 7 अप्रैल 2025 को कुर्की का आदेश रद्द करते हुए संपत्ति को मुक्त करने का आदेश दिया। शासन की ओर से की गई अपील पर उच्च न्यायालय ने 7 अगस्त 2026 को पांच सप्ताह के भीतर मामले के निस्तारण का निर्देश दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी गाजीपुर अनुपम शुक्ला ने 18 अगस्त को कुर्की समाप्त करने का आदेश जारी किया। बुधवार को नगर निगम ने कोठी की चाबी फरहत अंसारी को सौंप दी।
ओटीएस में ब्याज और सरचार्ज में छूट
गृहकर और जलकर के बकायेदारों के लिए 15 अगस्त से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू है। यह योजना 15 दिसंबर तक जारी रहेगी। इसके तहत बकाया राशि जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज में छूट दी जाएगी।
योजना के अनुसार कोठी के गृहकर पर लगा 16,601 रुपये ब्याज और जलकर पर लगाया गया 7,912 रुपये सरचार्ज माफ हो सकता है।
अन्य भवनों की तरह होगी बकाया कर की वसूली
जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष राय ने बताया कि जिस तरह अन्य भवनों से बकाया कर की वसूली की जाती है, उसी प्रक्रिया के तहत यहां भी बिल भेजकर नियमानुसार कर की वसूली की जाएगी।
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