मेरठ: तीन दिन के लिए थमे 14 हजार ट्रकों के पहिए, सप्लाई पर असर

दिल्ली-एनसीआर में ईसीसी शुल्क में राहत और बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध जैसी मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल गुरुवार से शुरू हो गई। 21 से 23 मई तक चलने वाली इस हड़ताल का असर माल ढुलाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे मेरठ और आसपास के जिलों में ट्रक संचालन प्रभावित हुआ है।
ट्रांसपोर्ट नगर में ठप रहा संचालन
मेरठ ट्रांसपोर्ट नगर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रकों की आवाजाही काफी हद तक रुक गई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, कई बड़े गोदामों के बाहर माल लदा हुआ है, लेकिन परिवहन ठप होने से उसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
करीब 14 हजार ट्रक प्रभावित
ट्रांसपोर्टरों का दावा है कि मेरठ और आसपास के जिलों में लगभग 14 हजार ट्रक हड़ताल के चलते खड़े हैं। इससे विभिन्न रूटों पर माल परिवहन बाधित हुआ है और इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
क्या हैं ट्रांसपोर्टरों की मांगें?
ट्रांसपोर्टर संगठन ईसीसी शुल्क में राहत देने और बीएस-4 वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा नियमों से परिवहन व्यवसाय पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। संगठनों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
औद्योगिक क्षेत्रों में चिंता
हड़ताल का असर औद्योगिक क्षेत्रों पर भी दिखाई दे रहा है। ध्यानचंद नगर सहित कई औद्योगिक संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल पुंडीर के अनुसार, क्षेत्र में 120 से अधिक उद्योग संचालित हैं, जो लगातार उत्पादन और आपूर्ति पर निर्भर हैं। ऐसे में परिवहन बाधित होने से कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.