मेरठ-पाकिस्तान संबंधी फर्जी वोटर कार्ड मामले में महिला गिरफ्तार

मेरठ। लगभग 37 साल पहले पाकिस्तान निवासी सबा मसूद उर्फ नाजिया ने अपने पति फरहत मसूद के साथ भारत में बसने के बाद 2003 में दो अलग-अलग नामों से वोटर कार्ड बनवाए थे। सोमवार को देहली गेट थाना पुलिस ने 23 साल बाद उन्हें गिरफ्तार किया। नाजिया और उनकी बेटी एमन फरहत पर फर्जी पासपोर्ट और वोटर कार्ड बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित महिला रुखसाना के अनुसार, सबा ने पाकिस्तान में निकाह कर भारत आकर लंबे समय तक रहकर तीन बच्चों को जन्म दिया। आरोप है कि उनकी बेटी एमन का जन्म पाकिस्तान में हुआ और भारत में फर्जी दस्तावेजों के जरिए दाखिला कराया गया। प्राथमिकी में नाजिया के पिता पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का शक भी जताया गया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने नाजिया से पूछताछ की और उनकी पहचान दस्तावेजों की जांच की। जांच में पाया गया कि 2003 की मतदाता सूची में नाजिया के दो नाम दर्ज हैं। इसके अलावा, उन्होंने खुफिया विभाग को जानकारी दिए बिना सहारनपुर और अन्य जगहों की यात्राएं की थीं।
प्राथमिकी में विदेशी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
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धारा 318(4): धोखाधड़ी (7 साल तक की सजा)
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धारा 336(3): इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर (7 साल तक)
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धारा 338: संपत्ति व फर्जी दस्तावेज बनाना (10 साल से उम्रकैद तक)
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धारा 340(2): जाली दस्तावेज का इस्तेमाल (7 साल तक)
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धारा 351(2): धमकी व अवैध दबाव डालना (2 साल तक और जुर्माना)
अभी एमन के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं। आरोपी पक्ष का दावा है कि यह संपत्ति विवाद की वजह से दर्ज की गई प्राथमिकी है और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप गलत है।






















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