मोहसिन रजा बने यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, आठ सदस्यों की भी नियुक्ति

HIGHLIGHTS
- मोहसिन रजा योगी सरकार के पहले कार्यकाल में राज्यमंत्री रह चुके हैं
- वह उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं
- 12 अगस्त को रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रह चुके मोहसिन रजा को यूपी अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही आयोग में आठ सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। मोहसिन रजा के अध्यक्ष बनने के बाद लंबे समय के बाद आयोग को राजनीतिक रूप से सक्रिय चेहरा मिला है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेट खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहसिन रजा को एक बार फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। लंबे समय से भाजपा से जुड़े रजा की इस नियुक्ति को प्रदेश में अल्पसंख्यक समाज के बीच संगठन और सरकार की पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले 12 अगस्त को मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्डों से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने वक्फ संपत्तियों की जिला स्तर पर विशेष जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की थी।
मोहसिन रजा योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्यमंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। वह विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।
अब सरकार ने उन्हें एक बार फिर अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान की जिम्मेदारी दी है। रजा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
आयोग में आठ सदस्यों की नियुक्ति
सरकार की ओर से जारी नियुक्ति सूची के मुताबिक, आयोग में संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मोहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी को सदस्य बनाया गया है।
लखनऊ के दो लोगों को मिली जिम्मेदारी
नियुक्त किए गए सदस्यों में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के लोगों को शामिल किया गया है। संदीप जैन एटा से, अंशुमान कुमार सिंह मैसी शाहजहांपुर से, हनप्रीत सिंह बेदी मुजफ्फरनगर से, मोहम्मद असलम फतेहपुर से, परविंदर सिंह लखनऊ से, नेहा खान अंबेडकरनगर से, सैयद सिराज अब्बास रिजवी आजमगढ़ से और रूमाना सिद्दीकी लखनऊ से हैं।
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के कार्य
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग (Uttar Pradesh Commission for Minorities) का प्रमुख उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन के अधिकारों एवं हितों की रक्षा करना है।
- अधिकारों की रक्षा: संविधान और कानूनों के तहत अल्पसंख्यकों को दिए गए अधिकारों और सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन की निगरानी करना।
- शिकायतों का निवारण: अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के उल्लंघन, उत्पीड़न या सुविधाओं से वंचित किए जाने से जुड़ी शिकायतों की जांच और उनका समाधान करना।
- विकास का मूल्यांकन: राज्य में अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास की स्थिति का आकलन करना।
- सुझाव और सिफारिशें: अल्पसंख्यक कल्याण के लिए राज्य सरकार को नीतिगत सुझाव देना और प्रभावी कदम उठाने की सिफारिश करना।
- अध्ययन और अनुसंधान: अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष अध्ययन या शोध कराना।
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