मुजफ्फरनगर: जौली और जानसठ रोड पर फैक्ट्रियों का काला धुआं बना सिरदर्द, वीडियो आए सामने

HIGHLIGHTS
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नीट पेपर लीक विवाद और विरोध के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा भेजा।
- CJP की मांग: कॉकरोच जनता पार्टी की इस्तीफे की मांग पर अड़ी रहने के बाद आज वार्ता से पहले बड़ा कदम।
- परीक्षा सफल: केंद्र और राज्य के सहयोग से 21 जून को नीट-यूजी परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
मुजफ्फरनगर: जिले में हाल ही हुई बारिश के बाद वायु गुणवत्ता में कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन औद्योगिक इकाइयों से निकल रहा काला धुआं एक बार फिर स्थानीय लोगों की परेशानी की वजह बन गया है। इस संबंध में कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तमाम दावों पर सवाल उठ रहे हैं और लोगों का आरोप है कि कुछ फैक्ट्रियों द्वारा पर्यावरण नियमों की अनदेखी की जा रही है।
जौली रोड और सिखरेड़ा गांव का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जौली रोड पर स्थित सिखरेड़ा गांव में शुक्रवार देर शाम चर्चित दिशा पेपर मिल की चिमनी से धुआं निकलने का वीडियो सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही शाम होती है, इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में धुआं निकलता है जो पूरे क्षेत्र में फैल जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने के साथ-साथ तेज बदबू का भी सामना करना पड़ता है।
निराना गांव में गुलशन केमिकल का वीडियो
इसी तरह, जानसठ रोड पर स्थित निराना गांव में गुलशन केमिकल की चिमनी से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया है। गत 22 जुलाई की शाम रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक आसमान में फैल रहा है। आसपास के गांवों के बाशिंदों का कहना है कि इस फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंधयुक्त हवा की वजह से इलाके में जीना दूभर हो गया है।
त्रिवेणी डिस्टिलरी से भी निकला धुआं
इसके अतिरिक्त, जौली रोड पर ही स्थित त्रिवेणी डिस्टिलरी की चिमनी से भी 22 और 23 जुलाई की शाम को काला धुआं निकलने के वीडियो सामने आए हैं। हालांकि, समीर ऐप के आंकड़ों पर नजर डालें तो शनिवार को जिले का औसत AQI महज 55 दर्ज किया गया, जिसे वायु गुणवत्ता के लिहाज से बहुत अच्छा माना जाता है।
जुलाई में 500 के पार पहुंच चुका है AQI
गौरतलब है कि इसी जुलाई महीने में जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बिगड़कर बेहद खराब श्रेणी में 500 से भी ऊपर पहुंच गया था। इस पूरे मामले पर स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा का कहना है कि वायरल हो रहे इन वीडियो का संज्ञान ले लिया गया है और इनका निरीक्षण कराया जाएगा। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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