मुजफ्फरनगर में भाकियू (सेवक) का धरना, किसानों ने आठ सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन

HIGHLIGHTS
- भाकियू (सेवक) ने किसानों की समस्याओं को लेकर मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
- संगठन ने गन्ना मूल्य, कर्ज माफी और बिजली दरों में कमी समेत आठ मांगें रखीं।
- मांगें पूरी नहीं होने पर किसान नेताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मुजफ्फरनगर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (सेवक) ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
धरने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश का किसान लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। संगठन ने गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने, किसानों का पूरा कर्ज बिना शर्त एकमुश्त माफ करने और घरेलू बिजली की दरों को आधा करने की मांग रखी।
भाकियू (सेवक) ने काली नदी और हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने, दोनों नदियों के पुनर्जीवन, किसानों को दिए जा रहे बीजों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच और कृषि अनुसंधान केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की मांग भी की।
आयुष्मान कार्ड और मुआवजे की मांग
किसान संगठन ने सभी किसान परिवारों के आयुष्मान कार्ड बिना किसी शर्त बनाए जाने की मांग उठाई। इसके अलावा गोरखपुर-अंबाला हाईवे परियोजना से प्रभावित किसानों को अधिग्रहित जमीन के बदले आठ गुना मुआवजा दिए जाने की मांग भी की गई।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम ने कहा कि अगर सरकार किसानों की मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को आठ सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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