अभिजीत दीपके को हुआ टाइफाइड, बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई

HIGHLIGHTS
- सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड से पीड़ित, बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई।
- संसद मार्ग पर प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई, निगरानी के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाया गया।
- राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के आह्वान का सीमित असर, कई जगहों पर प्रदर्शनकारी जुट नहीं पाए।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड से संक्रमित हो गए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट के जरिए साझा की है।
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
इधर, संसद मार्ग पर प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। संसद मार्ग पर लाउड स्पीकर लगाए जा रहे हैं। हर प्रवेश बिंदु पर चेहरे की पहचान करने वाली गाड़ियां तैनात की गई हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।
पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या घटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप और सीजेपी के साथ बातचीत शुरू होने के बाद शुक्रवार को जंतर-मंतर से लेकर टॉलस्टॉय रोड और संसद मार्ग तक प्रदर्शनकारियों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की कमी देखी गई।
प्रदर्शनकारियों का उत्साह बनाए रखने के लिए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ताओं को कई बार लोगों से प्रदर्शन स्थल पर डटे रहने की अपील करनी पड़ी। दीपके ने कहा कि सरकार रात में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने की कोशिश कर सकती है, इसलिए सभी लोग मजबूती से बने रहें। उन्होंने शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की बात भी कही। हालांकि, इसका खास प्रभाव देखने को नहीं मिला।
कन्हैया कुमार हिरासत में लिए गए
वहीं, प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल से जुड़े संसद मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड उठाकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने संयम बनाए रखा।
राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का नहीं दिखा बड़ा असर
सीजेपी की ओर से शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। छात्र संगठनों से हर जिले में प्रदर्शन करने की अपील की गई थी, लेकिन मुंबई और कुछ अन्य शहरों को छोड़कर कहीं भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी नहीं दिखी।
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