मुजफ्फरनगर: कमिश्नर ने किया निरीक्षण, गंदगी और जाले मिलने पर जताई नाराजगी

मुजफ्फरनगर। सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट, सदर तहसील, नगर पालिका और बीडीओ कार्यालय का निरीक्षण कर कई कमियों को रेखांकित किया और अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पटल सहायकों को विशेष बिंदुओं पर जानकारी दी गई और समाधान दिवस रजिस्टर की समीक्षा भी की गई। डॉ. कुमार ने दो मामलों में फोन वार्ता कर जनता की संतुष्टि और असंतुष्टि का भी जायजा लिया।
कलेक्ट्रेट और तहसील का निरीक्षण
कमिश्नर ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्यायिक अनुभाग, एलबीसी वाद सहायक कक्ष और वाद राहत पटल की पत्रावलियों, जीपीएफ व सेवा पुस्तिकाओं का निरीक्षण किया। आयकर पत्रावली, एफसीआरए पटल और विद्युत देय पंजिका भी देखी गई। ईआरके कक्ष में डाक रजिस्टर का मिलान कराया गया और रिकॉर्ड रूम व नजारत अनुभाग में अलमारियों एवं कार्य विभाजन चार्ट की जांच की गई। डॉ. रूपेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जीपीएफ पासबुक और सेवा पुस्तिकाओं में किसी भी प्रकार की कटिंग स्पष्ट रूप से लिखी जाए और संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य हों।
सदर तहसील में कमिश्नर ने कानूनगो रजिस्टर, भू अभिलेखागार रिकॉर्ड रूम और न्यायालय तहसीलदार कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने पुराने केस डायरी और पत्रावलियों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि कोई शिकायत लंबित न रहे। इस दौरान डीएम उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश, एडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नगर पालिका का निरीक्षण
डॉ. रूपेश कुमार ने नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर का निरीक्षण भी किया। गृहकर और जलकर विभाग में वार्षिक लक्ष्य की तुलना में कम प्रगति होने पर उन्होंने ईओ को मार्च 2026 तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने नामांतरण पत्रावली, सभागार कक्ष, चेयरपर्सन एवं ईओ कार्यालय, सहायक अभियंता और अवर अभियंता कार्यालय, जल कल विभाग के कंप्यूटर कक्ष, लेखा विभाग और नगर पालिका प्रांगण का निरीक्षण किया।
खंड विकास अधिकारी कार्यालय में गंदगी और जाले पर नाराजगी
बीडीओ सदर कार्यालय का निरीक्षण करते समय कमिश्नर को कई जगह जाले और गंदगी मिली। उन्होंने सफाई और सुधारात्मक कार्य के कड़े निर्देश दिए। साथ ही शिकायत अनुभाग, सभागार कक्ष और कंप्यूटर कक्ष में आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया। डॉ. कुमार ने कहा कि किसी भी शिकायत को डिफाल्टर की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा और सभी मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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