शंकराचार्य विवाद पर बोले ओमप्रकाश राजभर- कानून अपना काम करेगा

मेरठ। प्रदेश के पंचायती राज और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने पर कानूनी प्रक्रिया स्वतः अपना काम करेगी। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका काम धर्म का प्रचार करना है, न कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देना। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है।
मंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस नेताओं ने शंकराचार्य के समर्थन में बयान जारी किए हैं, जबकि वर्ष 1990 में सपा सरकार के दौरान इन्हीं शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने एआइ समिट में आपत्तिजनक प्रदर्शन कर देश की छवि खराब की।
गुरुवार को सर्किट हाउस में मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर के जिला पंचायत और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा प्रदेश में माहौल बिगाड़ने में जुटी हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने को भी इसी साजिश से जोड़कर देखा।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विपक्षी नेता राहुल गांधी यदि निर्वाचन प्रक्रिया पर भरोसा नहीं रखते तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा गठबंधन सरकार ने शहरों में मेट्रो, एक्सप्रेसवे और सड़कों की स्थिति सुधारकर आम जनता के जीवन स्तर में सुधार किया है। मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी और योगी के नेतृत्व में प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और माफिया का डर नहीं है।
मंत्री ने अल्पसंख्यकों के लिए चल रही योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले साल प्रदेश में 51 मुस्लिम छात्रों ने आइएएस परीक्षा पास की। उन्होंने कहा कि पहले नफरत की भाषा सिखाई जाती थी, लेकिन अब समुदाय अपने काम में जुटा है। उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन की जीत का भी दावा किया।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने बताया कि सभी विभागों ने अपने वार्षिक बजट का लगभग 95 प्रतिशत उपयोग कर लिया है और शेष राशि 31 मार्च तक खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। अल्पसंख्यक विभाग हर जनपद में सदभाव मंडप बनाएगा, मेरठ में इसके लिए सिवाया गांव में जमीन मिल चुकी है। पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए उत्सव भवन बनाएगा। प्रत्येक जनपद में परीक्षण स्वरूप एक उत्सव मंडप 1.45 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा।
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