20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, PM मोदी ने किया संबोधित

HIGHLIGHTS
- PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित किया।
- करीब आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं।
- पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले के तहत 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। ये नियुक्तियां अलग-अलग सरकारी संगठनों में की गई हैं। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और देश के युवाओं की क्षमता के साथ-साथ भविष्य में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने इस आयोजन को देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं की क्षमता का एक और उदाहरण है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। भारतीय स्टार्टअप की कहानी अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। करीब आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में मौजूद हैं। इसका मतलब है कि गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के युवा भारत की नई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ये युवा देश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। छोटे शहरों के युवा अपने नए विचारों पर काम करने के साथ नई कंपनियां भी शुरू कर रहे हैं। इसके जरिए वे दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। यह दिखाता है कि नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। सरकार इस दिशा को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता देश के विकास को गति दे रही है। यह सकारात्मक बदलाव पूरे देश में फैल रहा है और स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निजी क्षेत्र में रोजगार और सरकारी प्रोत्साहन
सरकार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी तेजी से प्रयास कर रही है। इसी सोच के तहत 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' शुरू की गई है। इस योजना के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। योजना के माध्यम से लगभग 2 करोड़ युवाओं को पहली बार कार्यबल का हिस्सा बनने में सक्षम बनाने का लक्ष्य है। इसके तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दे रही है।
इसके अलावा नए रोजगार के अवसर पैदा करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। युवाओं के लिए नए अवसर तब बनते हैं, जब अर्थव्यवस्था में वृद्धि होती है, निवेश बढ़ता है, नए उद्योग स्थापित होते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों का विस्तार होता है।
व्यापार समझौते और युवाओं की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। उनके अनुसार, ये समझौते युवाओं के लिए अवसरों के नए रास्ते खोल रहे हैं। व्यापार समझौते उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों का मार्ग तैयार करते हैं, नए बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराते हैं और युवाओं के लिए कॅरिअर की नई संभावनाएं पैदा करते हैं।
भारत सरकार लगातार युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर ध्यान दे रही है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल विकसित होती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप हों। पीएम सेतु योजना इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसके तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में उद्योग की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। इन उत्सवों के बीच आज हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशी आई है। देशभर में 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये युवा ऐसे समय में भारत सरकार का हिस्सा बन रहे हैं, जब देश 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण प्रयास में युवाओं की अहम भूमिका है।
सरकार के हिस्से के रूप में युवाओं द्वारा लिया गया हर निर्णय 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के अभियानों को लगातार मजबूत करने वाला होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा अपने साथी युवाओं के प्रति भी विशेष जिम्मेदारी निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने पूरी दुनिया का विश्वास जीता है। दुनिया भारतीय नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और युवा शक्ति से बड़ी उम्मीदें रखती है।
वैश्विक मंच पर भारत के युवाओं का योगदान
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कुछ दिन पहले ही संपन्न हुआ है। भारत ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि उद्यमी, किसान, महिलाएं और युवा भी इस साझेदारी में सक्रिय भागीदार बनें। यह भारत की समावेशी विकास की सोच को दर्शाता है।
इसी सोच के तहत 'ब्रिक्स कनेक्ट' और 'ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल' जैसी पहल शुरू की गई हैं। इन पहलों से वैश्विक स्तर पर भारतीय युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी दर्शाता है। युवाओं का कौशल और नवाचार भारत को विश्व मंच पर मजबूत कर रहा है।
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