संसद में टकराव बरकरार, गृहमंत्री की जवाबदेही की मांग पर अड़ा विपक्ष; सरकार ने बनाई नई रणनीति

HIGHLIGHTS
- छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार-विपक्ष में टकराव जारी है।
- राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सरकार पर निशाना साधा।
- विपक्ष गृहमंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग कर रहा है।
नई दिल्ली। संसद में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। छात्र आंदोलन के दौरान जेन-जी पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष लगातार गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साध रहा है और अपने रुख में नरमी के संकेत नहीं दे रहा है।
वहीं, छात्रों की मांगों के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का फैसला लेने वाली सरकार भी इस मुद्दे पर विपक्ष को राजनीतिक बढ़त देने से बचने की कोशिश में जुटी है। पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के तुरंत बाद विपक्ष ने गृहमंत्री से सदन में आकर बयान देने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
विपक्ष की रणनीति को देखते हुए सरकार ने भी दोनों सदनों में हंगामे के बीच बिना चर्चा के विधेयक पारित कराने का सिलसिला जारी रखा है। दूसरी ओर, विपक्ष ने भी गृहमंत्री को लेकर अपने हमले की रणनीति में बदलाव के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में कांग्रेस
इस मामले में सरकार पर दबाव बनाए रखने की कांग्रेस की रणनीति का संकेत शनिवार को राहुल गांधी की तमिलनाडु यात्रा के दौरान भी देखने को मिला। राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले कुछ छात्रों के परिजनों से मुलाकात की।
जेन-जी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग कर चुके लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधा। इससे संकेत मिला कि संसद में विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर अपने रुख में बदलाव नहीं करने वाले हैं।
कांग्रेस नेता ने छात्र आंदोलन के दौरान जेन-जी द्वारा कथित रूप से किए गए अपशब्दों को लेकर प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए माफी वाले बयान को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल किया।
राहुल गांधी ने चेन्नई में पीड़ित छात्रों के परिवारों से मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू और उनका दर्द सबसे बड़ा दुख होता है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि यह दुख उनके साथ हमेशा बना रहेगा और इसके साथ ही टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े होते हैं। उन्होंने पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और वर्षों की तैयारी एक पल में खत्म होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि छात्रों से ऐसे सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने की उम्मीद की जाती है, जो खुद उनके प्रति ईमानदार नहीं है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के छात्रों को माफ करने वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या प्रधानमंत्री किसी ऐसे परिवार से मिले हैं जिसने अपना बच्चा खोया है या उन लोगों से मिले हैं जिनके सपने पेपर लीक के कारण प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
संसद में गतिरोध जारी रहने के संकेत
संसद में जारी गतिरोध खत्म होने के अभी कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह यह भी मानी जा रही है कि सरकार और विपक्ष के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से भी समाधान के लिए कोई पहल सामने नहीं आई है।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि गृहमंत्री से सदन में आकर छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर बयान देने की नेता विपक्ष की मांग उचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप है, लेकिन विपक्ष छात्रों से जुड़े इस मामले को लेकर पीछे नहीं हटेगा।
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