दिल्ली में जातिगत आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई।
- दिल्ली पुलिस और आरएएफ ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की।
दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार सुबह से जाति आधारित आरक्षण के विरोध में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए जुटे। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का दावा किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) मौके पर पहुंची और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। साथ ही आरक्षण विरोधी प्रदर्शन में शामिल लोगों को जंतर-मंतर से हटाया गया। दिल्ली पुलिस आसपास के इलाके को भी खाली करा रही है। वहीं, आयोजक हर्ष दुबे ने सभी प्रदर्शनकारियों से राजघाट पहुंचने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और आरएएफ ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। प्रदर्शन के कारण जंतर-मंतर पर कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचे प्रदर्शनकारी
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और जातिगत आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पहुंचे। हाथों में बैनर, पोस्टर और आरक्षण विरोधी नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी यहां एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं’, ‘राष्ट्र की आवाज को सुनना होगा’ और ‘भारत में आर्थिक आधार पर आरक्षण करना होगा’ जैसे नारे लगाए।
दिल्ली पुलिस लगातार जंतर-मंतर खाली करने की करती रही अपील
जंतर-मंतर पर सुबह से प्रदर्शनकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें धरना स्थल तक पहुंचने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई।
इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। बाद में कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन क्षेत्र की ओर पहुंच गए। देर शाम तक यहां भीड़ बढ़ती गई और प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। हालांकि, दिल्ली पुलिस लगातार जंतर-मंतर खाली करने की अपील करती रही।
आयोजकों ने कहा- जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे
प्रदर्शन के आयोजकों में शामिल अभिषेक अग्निहोत्री के अनुसार, वे जंतर-मंतर पर अपना मंच लगा रहे हैं और वहां से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि लोग सुबह से ही यहां मौजूद हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।
वहीं, सोशल मीडिया से शुरू हुए रिजर्वेशन रिफॉर्म मूवमेंट के संस्थापक हर्ष दुबे ने बताया कि मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर खाली नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य देश में जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और इसे समाप्त कर आर्थिक आधार पर व्यवस्था लागू करने की मांग उठाना है।
पुलिस ने रामलीला मैदान में दी थी वैकल्पिक अनुमति
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वैकल्पिक स्थल के तौर पर रामलीला मैदान जाने को कहा था। बाद में पुलिस की ओर से रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एनओसी जारी की गई।
अनुमति के अनुसार, अधिकतम 500 लोग वहां प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। पुलिस की ओर से वैकल्पिक स्थल की अनुमति दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग जंतर-मंतर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आंदोलन का आह्वान जंतर-मंतर के लिए किया गया था और वे यहीं अपनी बात रखेंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करना है। उनकी मांग है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ दिया जाए।
इसके अलावा आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों और अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने, यूजीसी के नए समानता संबंधी प्रावधानों को वापस लेने, शैक्षणिक संस्थानों में नियमों के दुरुपयोग को रोकने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसे जरूरतमंद लोगों तक सीमित करने की मांग की गई है।
इंस्टाग्राम पेज से किया गया था प्रदर्शन का आह्वान
आरक्षण विरोधी प्रदर्शन का आह्वान इंस्टाग्राम के ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ नाम के पेज से किया गया था। इस पेज के जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जोड़ा जा रहा था। इसके बाद 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया गया।
प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रचार किया गया था। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर पर अनुमति मिलने के दावे भी तेजी से प्रसारित हुए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को इन दावों का खंडन कर दिया था।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.