जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की मदद में जुटे लोग, भोजन और पानी से दिखाई एकजुटता

HIGHLIGHTS
- जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान स्वयंसेवक छात्रों को भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे हैं।
- प्रदर्शन स्थल पर सामुदायिक रसोई और लंगर की व्यवस्था, पिज्जा, बिरयानी समेत कई खाद्य सामग्री बांटी जा रही है।
- देश-विदेश से मिल रहे समर्थन के बीच लोग छात्रों की मदद के लिए लगातार जुटे हुए हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में भोजन लोगों की एकजुटता का प्रतीक बन गया है। विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवक सैकड़ों छात्रों को भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे हैं। यह प्रदर्शन नीट पेपर 'लीक' मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।
मेन्यू में पिज्जा, बिरयानी और स्नैक्स
जंतर-मंतर अब एक सामुदायिक रसोई जैसा नजर आ रहा है, जहां कार्यालय जाने वाले लोग, बुजुर्ग, बच्चे और अलग-अलग सामुदायिक समूह मिलकर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
भोजन में पिज्जा, बिरयानी, चिप्स, बिस्किट, फलों का रस और शीतल पेय शामिल हैं। स्थानीय विक्रेता भी मुफ्त में गोलगप्पे और दही भल्ले उपलब्ध करा रहे हैं। कई भोजन पैकेट में हाथ के पंखे भी रखे जा रहे हैं, ताकि उमस भरे मौसम में छात्रों को राहत मिल सके।
निहंग सिखों समेत सिख समुदाय ने मंगलवार को लंगर का आयोजन किया। यह व्यवस्था बुधवार तक जारी रही, जिसमें सभी लोगों को ताजा भोजन परोसा गया। बच्चों को पानी की बोतलें बांटते और बुजुर्ग स्वयंसेवकों को फल वितरित करते हुए देखा गया।
देश-विदेश से मिल रहा समर्थन
दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले रवि मौर्य छुट्टी लेकर प्रदर्शन स्थल पर स्वयंसेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों के समर्थन में देश और विदेश से लोग मदद भेज रहे हैं। कई राज्यों से भोजन और पानी पहुंचाया जा रहा है, जबकि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इसमें योगदान दे रहे हैं।
रवि ने बताया कि सभी लोग छात्रों की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को घंटों धूप में बैठे देखकर भोजन पैकेट में हाथ के पंखे रखने की शुरुआत की गई। उनके अनुसार, यह छोटा प्रयास है, लेकिन हर पैकेट में थोड़ी राहत देने वाली चीज होनी चाहिए।
छात्रों और बुजुर्गों ने भी संभाली जिम्मेदारी
स्नैक्स बांटने वालों में नीट अभ्यर्थी ईशा भी शामिल थीं। वह अपनी चचेरी बहन के साथ स्वयंसेवा करने पहुंची थीं। ईशा ने कहा कि वह छात्रों की अनिश्चितता को समझती हैं। उन्होंने और उनकी चचेरी बहन ने अपने जेब खर्च से स्नैक्स खरीदे।
वहीं, एक बुजुर्ग महिला छात्रों को फल बांटते हुए उन्हें अपने बच्चों जैसा बता रही थीं। उन्होंने कहा कि वह छात्रों को स्वस्थ भोजन देना चाहती हैं। उनका कहना था कि जब छात्र घंटों यहां मौजूद हैं तो उनकी देखभाल की जा सकती है।
प्रदर्शन स्थल पर दिखी आपसी मदद की तस्वीर
प्रदर्शन के दौरान एक छात्र ने अपने पास बैठे साथी को बिस्किट दिया। जब उसने लेने से मना किया तो छात्र ने मुस्कुराते हुए कहा, "तुम एक लो, मैं एक लूंगा। इस तरह हम पैकेट एक साथ खत्म करेंगे।"
पानी की बोतलें बांट रहे कॉलेज छात्र अमित ने कहा कि अलग-अलग लोग एक सामान्य उद्देश्य के लिए साथ आए हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी काफी ज्यादा है और कई छात्र सुबह से प्रदर्शन स्थल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि पानी की एक बोतल किसी को कुछ देर और रुकने में मदद कर सकती है, तो यही उनके लिए काफी है।
जंतर-मंतर पर यह धरना सोमवार को पुलिस कार्रवाई के बाद से जारी है। पुलिस ने सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद से स्वयंसेवक ट्रे, कार्टन और भोजन पैकेट लेकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच रहे हैं।
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