CJP प्रदर्शन को लेकर पश्चिमी यूपी में पुलिस अलर्ट, सपा सांसद हरेंद्र मलिक और पंकज मलिक हिरासत में

HIGHLIGHTS
- हरेंद्र मलिक और पंकज मलिक को दिल्ली के जनपथ रोड पर हिरासत में लिया गया।
- शामली में मास्टर जाहिद समेत भाकियू कार्यकर्ताओं को जेए नेशनल एकेडमी में रोका गया।
- बागपत रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने चेकिंग कर युवकों से पूछताछ की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP और विपक्षी दलों के आंदोलन को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क रही। मुजफ्फरनगर के सपा सांसद हरेंद्र मलिक और उनके विधायक बेटे पंकज मलिक को दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय हिरासत में ले लिया गया। वहीं, शामली में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री मास्टर जाहिद समेत कई कार्यकर्ताओं को एक शिक्षण संस्थान में रोका गया। बागपत रेलवे स्टेशन पर भी पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर कुछ युवकों से पूछताछ की।
सपा सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक पंकज मलिक हिरासत में
मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक और उनके विधायक बेटे पंकज मलिक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP और विपक्षी दलों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली के जनपथ रोड पर पुलिस ने दोनों को घेरकर हिरासत में ले लिया।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए अब देश को आगे आना होगा।
शामली में भाकियू कार्यकर्ताओं को रोका
दिल्ली में शनिवार को होने वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद समेत कई कार्यकर्ताओं को शामली पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने उन्हें सोंटा रसूलपुर स्थित जेए नेशनल एकेडमी में रोका।
मास्टर जाहिद ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने लोकतंत्र को कायम रखने की बात भी कही।
बागपत रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान
CJP के प्रदर्शन को देखते हुए बागपत पुलिस भी सतर्क रही। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां पुलिस ने कुछ युवकों को रोककर उनसे पूछताछ की। दिल्ली जाने वाले उन लोगों पर नजर रखी गई, जो प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी।
मेरठ समेत पश्चिमी यूपी में सुरक्षा कड़ी
प्रदर्शन के मद्देनजर मेरठ में भी प्रमुख हाईवे, जिले की सीमाओं और टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई। काशी और सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया।
इससे पहले मेरठ में विपक्षी दलों, किसान संगठनों और सामाजिक संगठनों के 100 से अ
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