दिल्ली बवाल के बाद एक्शन में पुलिस, प्रदर्शनकारियों की पहचान कर होगी कार्रवाई

HIGHLIGHTS
- संसद मार्च के दौरान हुए बवाल के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार ने प्रदर्शन में शामिल भीड़ की भूमिका की जांच शुरू कर दी है, खासकर उन लोगों की जिनका नीट परीक्षा से सीधा संबंध नहीं था।
- पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर लोगों की पहचान कर रही है। बवाल और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
- जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन में ट्रक ड्राइवर, डिलीवरी बॉय, दिहाड़ी मजदूर, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और कई राज्यों से आए लोग भी शामिल थे। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें भी हुईं।
नीट-2026 को लेकर संसद मार्च के दौरान सोमवार को हुए हंगामे के बाद केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने भीड़ की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक जांच का प्रमुख मुद्दा यह है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग क्यों शामिल हुए, जिनका नीट परीक्षा से सीधा संबंध नहीं था। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि क्या उन्हें किसी विशेष उद्देश्य से दिल्ली बुलाया गया था और उनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
किस दिशा में चल रही है जांच?
पुलिस प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से लोगों की पहचान करने में जुटी है। बवाल करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न आरोपों में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया है कि संसद मार्च में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल थे, जिनका परीक्षा से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई जुड़ाव नहीं था। प्रदर्शन में ट्रक चालक, जोमैटो और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के डिलीवरी बॉय, दिहाड़ी मजदूर, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हुए। रेलवे और परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार भीड़ का बड़ा हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से आया था।
कई स्थानों पर हुई झड़पें
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव और झड़पों की घटनाएं सामने आईं। एटा से आए साहिल, जो जोमैटो में डिलीवरी बॉय हैं, ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं गुरुग्राम से पहुंचे इरफान, जो एक कंपनी में हेल्पर के रूप में काम करते हैं, प्रदर्शन में शामिल होने की कोई विशेष वजह नहीं बता सके। लुधियाना से आए गुरविंदर पेशे से ट्रक चालक हैं।
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