खरगे के सभा स्थल के शुद्धीकरण पर भड़के राहुल गांधी, PM मोदी से FIR की मांग

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की
- मामले में 20 दिन बाद भी FIR दर्ज न होने का दावा
- SC-ST कानून के तहत FIR की मांग उठाई
नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के स्थल पर हुए शुद्धीकरण के मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने इस घटना को 'अपराध' बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा, "देश के हर दलित व्यक्ति को जन्म से लेकर मृत्यु तक हर जगह और हर कदम पर अपमान का सामना करना पड़ता है। उनकी आवाज जितनी बुलंद होती है, उन पर हमला उतना ही तेज होता है। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ जो हुआ, उसे शुद्धीकरण का नाम देकर उनके खिलाफ छुआछूत की गई। भारत के संविधान के अनुसार छुआछूत दंडनीय अपराध है।
उन्होंने कहा कि इस घटना को 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही एफआईआर दर्ज की गई। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने आगे कहा, "अब गेंद BJP के पाले में है। जल्द से जल्द SC-ST कानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई की जाए और न्याय मिले। वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छी तरह जानती है।"
'यह एक अपराध है...'
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को खरगे की रैली के स्थल पर हुए 'शुद्धीकरण' कार्यक्रम का जिक्र किया और इसे अपराध बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश देने की मांग की।
संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता को स्पष्ट करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे नहीं चाहते कि दलित समाज के लोग आगे बढ़ें, सम्मान के साथ जीवन जिएं और सफलता प्राप्त करें।
सरकार की जिम्मेदारी है कि न्याय मिले
राहुल गांधी ने उत्तराखंड और केंद्र सरकार दोनों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि खरगे को न्याय दिलाना केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी ने कहा, "देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक संविधान की विचारधारा है और दूसरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान लागू होने के बावजूद देश में दलितों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा जारी है, जो कानूनन अपराध है।
'बच्चों से शौचालय साफ कराया जाता है'
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश के कई स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराया जाता है और उनसे झाड़ू लगवाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों को कुओं से पानी लेने से रोका जाता है और चाय की दुकानों पर भी उनके साथ भेदभाव किया जाता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि बारात में घोड़े पर चढ़ने जैसे मामलों को लेकर दलितों को कथित तौर पर मारा-पीटा और धमकाया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल होते हैं तथा इस तरह के कृत्य संविधान और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के खिलाफ हैं।
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