गणतंत्र दिवस 2026: राजधानी में फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई मार्ग रहेंगे बंद

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस-2026 की तैयारियों के तहत कर्तव्य पथ पर आज फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया जा रहा है। इस वजह से शहर के कई मार्ग प्रभावित रहेंगे, जबकि कुछ रास्ते पूरी तरह बंद रहेंगे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और दक्षिण दिल्ली में आने से बचें।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार रिहर्सल सुबह 10.30 बजे विजय चौक से शुरू होकर कर्तव्य पथ, सी-हेक्सागोन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की गोल चक्कर वाली प्रतिमा, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग होते हुए लाल किले पर समाप्त होगी। इस दौरान बृहस्पतिवार शाम 6 बजे से शुक्रवार परेड समाप्त होने तक विजय चौक से इंडिया गेट तक किसी भी वाहन के लिए कर्तव्य पथ पर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
रात 11 बजे से रफी मार्ग, जनपथ और मान सिंह रोड पर भी क्रॉस-ट्रैफिक पर रोक रहेगी। शुक्रवार सुबह 9.15 बजे से सी-हेक्सागन-इंडिया गेट मार्ग बंद रहेगा और तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग व सुभाष मार्ग पर सुबह 10.30 बजे से दोपहर तक किसी वाहन की आवाजाही नहीं होगी। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि सुबह 9.30 बजे से 1 बजे तक परेड रूट से बचें।
मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन
ड्रेस रिहर्सल के दौरान मेट्रो सेवाएं सभी स्टेशनों पर सामान्य रूप से जारी रहेंगी। हालांकि उत्तरी दिल्ली से नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन तक आवाजाही पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं है। पुलिस ने यात्रियों को संभावित देरी से बचने के लिए अपनी यात्रा पहले से योजना बनाने की सलाह दी है।
सिटी बसों की आवाजाही भी कम कर दी जाएगी। पार्क स्ट्रीट/उद्यान मार्ग, आरामबाग रोड, कमला मार्केट गोलचक्कर, दिल्ली सचिवालय और प्रगति मैदान में बसें सीमित रहेंगी। गाजियाबाद से शिवाजी स्टेडियम जाने वाली बसें एनएच-24 व रिंग रोड मार्ग लेगी और भैरों रोड पर समाप्त होंगी। इसी तरह, एनएच-24 से आने वाले लोग रोड नंबर 56 पर राइट टर्न लेकर आईएसबीटी आनंद विहार तक जाएंगे। गाजियाबाद से आने वाली बसें वजीराबाद ब्रिज के लिए मोहन नगर से भोपुरा चुंगी होते हुए डायवर्ट होंगी। दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी सहयोग और जानकारी दी है।
झांकी में बीकानेर की उस्ता कला का प्रदर्शन
26 जनवरी को होने वाली परेड में राजस्थान की झांकी 16वीं सदी की दुर्लभ उस्ता कला का जीवंत प्रदर्शन करेगी। यह कला ऊंट की खाल, लकड़ी और पत्थर पर सोने की पत्तियों और उभरे डिजाइनों के माध्यम से बनाई जाती है। केंद्रीय सरकार ने 2023 में इस कला को GI टैग प्रदान किया था।
राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव रजनीश हर्ष ने बताया कि झांकी के जरिए कलाकारों की पारंपरिक कला और उनके अनूठे उत्पाद दुनिया के सामने आएंगे। डिजाइनर हरशिव शर्मा ने झांकी में ऊंटों के साथ राजस्थानी संगीत और पारंपरिक नृत्य की झलक भी शामिल की है। इस परेड में 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां होंगी। सभी झांकियां स्वतंत्रता, समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत थीम पर आधारित होंगी।
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