RSS को लेकर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, बोले- 'हिंदू' शब्द धर्म नहीं, जीवन पद्धति का प्रतीक

HIGHLIGHTS
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरएसएस को लेकर बनाए गए 'हिंदू राष्ट्र' के नैरेटिव पर कहा कि संघ के लिए 'हिंदू' शब्द धार्मिक पहचान नहीं बल्कि एक व्यापक सोच और जीवन पद्धति है।
- नई दिल्ली में "RSS @100: A Century of Service, Unity & Sacrifice" पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने आरएसएस के 100 वर्षों के सेवा कार्यों का उल्लेख किया।
- राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पुस्तक संघ के वास्तविक स्वरूप, राष्ट्र सेवा और सामाजिक एकता के प्रयासों को लोगों के सामने रखने का काम करेगी।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बनाए गए कथित विमर्श पर प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि संघ को लेकर यह धारणा बनाई जाती रही है कि वह 'हिंदू राष्ट्र' बनाने की दिशा में काम करता है, जबकि इसकी वास्तविकता अलग है।
रक्षा मंत्री शुक्रवार को श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी की लिखी पुस्तक "RSS @100: A Century of Service, Unity & Sacrifice" के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए और संबोधन दिया।
VIDEO | Delhi: "A narrative has been built around the RSS that it wants to create a 'Hindu Rashtra'. What people do not know is that, for the RSS, 'Hindu' is not a religious identity but a thought inspired by Swami Vivekananda," says Defence Minister Rajnath Singh at the launch… pic.twitter.com/iIMsj1VTvT
— Press Trust of India (@PTI_News) July 17, 2026
स्वामी विवेकानंद के विचारों से जुड़ा है 'हिंदू' शब्द
VIDEO | Delhi: "A narrative has been built around the RSS that it wants to create a 'Hindu Rashtra'. What people do not know is that, for the RSS, 'Hindu' is not a religious identity but a thought inspired by Swami Vivekananda," says Defence Minister Rajnath Singh at the launch… pic.twitter.com/iIMsj1VTvT
— Press Trust of India (@PTI_News) July 17, 2026राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आरएसएस को लेकर एक ऐसा नैरेटिव तैयार किया गया है कि संगठन 'हिंदू राष्ट्र' का निर्माण करना चाहता है। उन्होंने कहा कि संघ के लिए 'हिंदू' शब्द किसी धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस में 'हिंदू' शब्द को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित एक व्यापक सोच और जीवन पद्धति के रूप में देखा जाता है।
आरएसएस के 100 वर्षों के सफर पर आधारित है पुस्तक
पुस्तक "RSS @100: A Century of Service, Unity & Sacrifice" में आरएसएस की स्थापना से लेकर अब तक की 100 वर्षों की यात्रा, राष्ट्र सेवा, सामाजिक एकता और स्वयंसेवकों के योगदान का उल्लेख किया गया है।
इस पुस्तक के लेखक श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी हैं। विमोचन कार्यक्रम में राजनीति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह ने लेखकों को दी बधाई
रक्षा मंत्री ने पुस्तक के सह-लेखकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह किताब आरएसएस के स्वरूप और उसके सेवा कार्यों को लोगों के सामने सही दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।
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