राज्यसभा की एक सीट पर एमवीए में घमासान, तीनों दलों ने ठोका दावा

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
- सात में से एक सीट को लेकर गठबंधन के तीनों प्रमुख दल—कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना—अपने-अपने दावे पर अड़े हुए हैं।
- यही एक सीट अब गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा बनती दिख रही है।
- गुरुवार को कांग्रेस और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेताओं के बीच लंबी बैठक हुई।
- घंटों चली चर्चा के बावजूद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
- कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष ह…
महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। सात में से एक सीट को लेकर गठबंधन के तीनों प्रमुख दल—कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना—अपने-अपने दावे पर अड़े हुए हैं। यही एक सीट अब गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा बनती दिख रही है।
गुरुवार को कांग्रेस और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेताओं के बीच लंबी बैठक हुई। घंटों चली चर्चा के बावजूद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ, नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार और विधायक सतेज पाटील मौजूद रहे, जबकि राष्ट्रवादी की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे और वरिष्ठ नेता जयंत पाटील ने बातचीत में हिस्सा लिया।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि इस बार राज्यसभा की सीट उसके खाते में जानी चाहिए। पार्टी का तर्क है कि 2022 में एमवीए के तहत मिली चार सीटों में से दो राष्ट्रवादी को मिली थीं, इसलिए राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अब कांग्रेस को मौका मिलना चाहिए।
वहीं, राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) इस सीट को छोड़ने के पक्ष में नजर नहीं आ रही। पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि शरद पवार एक बार फिर राज्यसभा जा सकते हैं और सीट उनके लिए सुरक्षित रखी जानी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने बैठक में यह सवाल उठाया कि क्या खुद शरद पवार ने ऐसी इच्छा सार्वजनिक तौर पर जताई है? जवाब में बताया गया कि यह बात पार्टी की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुप्रिया सुळे की ओर से सामने आई है, लेकिन पवार की तरफ से अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसी बीच उद्धव सेना की दावेदारी ने समीकरण और जटिल कर दिए हैं। गठबंधन में सबसे अधिक विधायक होने के आधार पर पार्टी इस सीट पर अपना हक जता रही है। आदित्य ठाकरे की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि पार्टी पीछे हटने के मूड में नहीं है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में शरद पवार, जयंत पाटील, शशिकांत शिंदे और जितेंद्र आव्हाड के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि अंतिम फैसला अब भी लंबित है। राज्यसभा चुनाव नजदीक आते ही एमवीए के भीतर जारी यह खींचतान महाराष्ट्र की राजनीति का तापमान और बढ़ा रही है।
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