नाबालिग से दुष्कर्म के बाद होटल में पथराव और हंगामा, बुलडोजर लेकर पहुंचे लोग

HIGHLIGHTS
- होटल के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई।
- होटल के रजिस्टर में पहले भी अधूरे दस्तावेजों पर कमरे देने की बात सामने आई।
- 16 वर्षीय नाबालिग को बिना उचित पहचान के होटल में प्रवेश दिया गया।
ऋषिकेश। नाबालिग के साथ जिस होटल में दुष्कर्म की घटना हुई, उसके संचालक और प्रबंधक की भूमिका से नाराज भीड़ ने होटल पर पथराव करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी।
भीड़ में मौजूद कुछ लोग बुलडोजर लेकर होटल के बाहर भी पहुंच गए। होटल संचालन से जुड़ी एक महिला और भीड़ में शामिल महिलाओं के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान करीब दो घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
पुराना रेलवे रोड के पास स्थित होटल गंगा इन शनिवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद से विवादों में था। मंगलवार को पीड़िता के स्वजन के साथ बड़ी संख्या में लोग होटल के बाहर जुट गए। गुस्साई भीड़ ने होटल पर पथराव किया और फ्रंट के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद अंदर जाकर भी तोड़फोड़ की गई।
होटल संचालन से जुड़ी एक महिला और भीड़ में शामिल महिलाओं के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। पुलिस महिला को गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गई। इसके बाद होटल में प्रवेश करने वाले शटर बंद कर दिए गए।
इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ लोग बुलडोजर लेकर होटल के बाहर पहुंच गए। उन्होंने होटल को गिराने या सील करने की मांग की। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद लोग होटल के बाहर से हट गए।
लाइसेंस निरस्त करने के लिए पुलिस ने भेजी रिपोर्ट
होटल गंगा इन में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने होटल के रजिस्टर की जांच की तो पहले भी अधूरे दस्तावेजों के आधार पर कमरे देने की बात सामने आई। पुलिस की ओर से होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
नाबालिग से जुड़े मामले में भी होटल की ओर से गंभीर अनियमितता बरती गई। 16 वर्षीय नाबालिग को बिना उचित पहचान और जरूरी रजिस्टर प्रविष्टि के होटल में प्रवेश दिया गया। होटल प्रबंधन थोड़ा भी सतर्क रहता तो आरोपित को पहले ही पकड़ा जा सकता था।
पीड़िता को होटल से बाहर ले जाने के दौरान होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। होटल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करता रहा।
तीनों आरोपित न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों को विशेष पाक्सो न्यायालय में पेश किया। अदालत ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार, देहरादून भेज दिया है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट, वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी, उप निरीक्षक विकसित पंवार, राजकुमार, निखलेश बिष्ट, महिला उप निरीक्षक ज्योति शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप राठी, कांस्टेबल तेज सिंह, अभिषेक और हिमांशु शामिल रहे।
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