तमिलनाडु: 4,800 करोड़ की पेयजल योजनाओं को मंजूरी, किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस होंगे वापस

HIGHLIGHTS
- अवाडी में सभी घरों को 24 घंटे पानी देने की योजना लागू होगी।
- मिंजुर में 400 MLD का डिसेलिनेशन प्लांट लगाया जाएगा।
- मदुरै और कुड्डालोर समेत कई क्षेत्रों के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य विधानसभा में कई घोषणाएं कीं। इनमें 4,800 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल परियोजनाएं शुरू करना और अपनी आजीविका, अधिकारों तथा मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल है।
नियम 110 के तहत घोषणाएं करते हुए विजय ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य जनकल्याण को मजबूत करना, जरूरी सेवाओं में सुधार करना और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है।
क्या है पेयजल कार्यक्रम?
- उत्तरी चेन्नई, अवाडी, पोन्नेरी और मिंजुर की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिंजुर में 400 MLD का डिसेलिनेशन प्लांट लगाया जाएगा, जो खारे पानी को मीठे पानी में बदलेगा।
- अवाडी नगर निगम के सभी घरों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ रुपये की नई योजना लागू की जाएगी।
- मदुरै और कुड्डालोर नगर निगमों, नौ नगरपालिकाओं और 20 टाउन पंचायतों में पेयजल सुविधाओं में सुधार के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- पेयजल की 33 पुरानी संयुक्त योजनाओं के नवीनीकरण के पहले चरण के लिए 300 करोड़ रुपये और निर्धारित किए गए हैं।
- चेन्नई के किलपॉक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए 410 करोड़ रुपये की परियोजना भी लागू की जाएगी।
किसानों के लिए क्या फैसला लिया?
विजय ने मई 2021 से अप्रैल 2026 के बीच अपनी आजीविका, अधिकारों और जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की घोषणा भी की। सरकार ने कहा कि यह फैसला मानवीय आधार और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
उन्होंने तिरुवन्नामलाई जिले में सिपकॉट इंडस्ट्रियल एस्टेट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर दर्ज मामलों का जिक्र किया। इनमें कुछ मामलों में किसानों पर 'गुंडा एक्ट' के तहत भी कार्रवाई की गई थी। विजय ने परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के खिलाफ किसानों के विरोध का भी उल्लेख किया, जहां किसानों ने खेती की जमीन, जल स्रोतों और आजीविका के नुकसान को लेकर चिंता जताई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'वे सभी मामले भी वापस ले लिए जाएंगे। इस कदम से लोकतांत्रिक अधिकार और मजबूत होंगे और आम लोगों व सरकार के बीच भरोसा बढ़ेगा।'
क्या है वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना?
एक अन्य घोषणा में मुख्यमंत्री विजय ने तिरुनेलवेली और सलेम नगर निगमों में 'वेस्ट-टू-एनर्जी' यानी कचरे से ऊर्जा बनाने वाली परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- तिरुनेलवेली परियोजना 256 करोड़ रुपये की लागत से 9 MW बिजली का उत्पादन करेगी।
- सलेम परियोजना 291 करोड़ रुपये की लागत से 10 MW बिजली का उत्पादन करेगी।
- दोनों परियोजनाओं पर कुल 547 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
मुख्यमंत्री ने ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के डिजिटलीकरण की भी घोषणा की। नई खरीदी गई गाड़ियों के लिए डिजिटल RC 15 सितंबर 2026 से पूरे राज्य में उपलब्ध होंगे। वहीं, ड्राइविंग टेस्ट पास करने वालों को भी इसी तारीख से उसी दिन डिजिटल लाइसेंस मिल जाएगा।
- डिजिटल दस्तावेजों में इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन के लिए QR कोड होंगे।
- दस्तावेज खोने या खराब होने की स्थिति में उन्हें दोबारा डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकेगा।
- परिवहन से जुड़ी सेवाओं को भी धीरे-धीरे 'एनीवेयर रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग' के दायरे में लाया जाएगा।
इस बीच, विधानसभा में ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सफाई कर्मचारियों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने रिपन बिल्डिंग्स में 15 दिनों से प्रदर्शन कर रहे 2,000 से अधिक कर्मचारियों का मुद्दा उठाया। ये कर्मचारी पक्की नौकरी, वेतन बढ़ोतरी, ESI और PF लाभ तथा कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे थे। मंत्री राजमोहन ने कहा कि सरकार आपसी सहमति से समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है और कुछ फाइलें तैयार हैं।
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