तेलंगाना: स्पीकर ने दो विधायकों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज कीं

नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद राव ने बुधवार को बीआरएस के विधायकों दानम नागेंद्र और कादियम श्रीहरि के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं को भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों विधायकों ने दल-बदल विरोधी नियमों का उल्लंघन किया है।
अध्यक्ष का निर्णय
अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद राव ने कहा कि याचिकाओं में कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि दोनों विधायकों ने औपचारिक रूप से पार्टी बदली है। उपलब्ध सबूत और सुनवाई के दौरान प्रस्तुत स्पष्टीकरण के आधार पर दोनों विधायकों को क्लीन चिट दे दी गई। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से ठीक एक दिन पहले आया। इससे पहले इसी तरह के मामलों में आठ अन्य विधायकों को भी क्लीन चिट दी जा चुकी थी।
केटीआर ने किया आलोचनात्मक बयान
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि दानम नागेंद्र और कादियम श्रीहरि को क्लीन चिट देना लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के इतिहास का “काला दिन” बताया और कहा कि ऐसे फैसले राजनीतिक दलबदल को बढ़ावा देते हैं और जनता का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर करेंगे। केटीआर ने आरोप लगाया कि यह निर्णय सत्ता में बैठे लोगों के हित में संवैधानिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल है और चेतावनी दी कि जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।
दानम नागेंद्र का पलटवार
दानम नागेंद्र ने केटीआर और भाजपा पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि बीआरएस विधायक दल की हालिया बैठक में उन्हें क्यों शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और बीआरएस ने मिलकर उनके खिलाफ रणनीति बनाई, जिससे उनकी संसदीय चुनाव में हार हुई। नागेंद्र ने साफ किया कि उन्होंने किसी अन्य पार्टी की सदस्यता नहीं ली और विधानसभा में बीआरएस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की तरफ से कोई व्हिप नहीं जारी किया गया और भरोसा जताया कि अगर निर्णय उनके खिलाफ भी होता, तो वह उपचुनाव में जीत हासिल करते।
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