टेस्ला पर भ्रामक दावों का आरोप, ऑस्ट्रेलियाई अदालत में मामला गरमाया

ऑस्ट्रेलिया में टेस्ला के खिलाफ चल रहे एक बड़े क्लास एक्शन मुकदमे में कंपनी की कार्यप्रणाली पर फेडरल कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान जज ने दस्तावेज़ उपलब्ध कराने में देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि क्या एलन मस्क के नेतृत्व वाली यह इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी कानूनी प्रक्रिया को गंभीरता से ले रही है।
कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर टेस्ला ने तय समयसीमा के भीतर पर्याप्त सहयोग नहीं किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
क्या है मामला?
यह मुकदमा ऑस्ट्रेलिया के हजारों टेस्ला ग्राहकों से जुड़ा है, जिसे ब्रिस्बेन की लॉ फर्म JGA Saddler ने दायर किया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी ने अपनी कारों की क्षमता को लेकर गलत या भ्रामक दावे किए हैं।
इन आरोपों में ‘फैंटम ब्रेकिंग’ (बिना कारण अचानक ब्रेक लगना), बैटरी रेंज को बढ़ा-चढ़ाकर बताना और सेल्फ-ड्राइविंग फीचर्स की क्षमताओं को गलत तरीके से पेश करना शामिल है। टेस्ला ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उसके उत्पादों की जानकारी पारदर्शी और सही तरीके से दी जाती है।
दस्तावेज़ों की देरी पर कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई के दौरान जज टॉम थॉली ने कहा कि टेस्ला द्वारा दस्तावेज़ पेश करने की गति बेहद धीमी है। लगभग आठ महीने की प्रक्रिया के बाद भी कंपनी ने करीब 10,000 ग्राहकों से जुड़े मामले में सिर्फ लगभग 2,000 दस्तावेज़ ही उपलब्ध कराए हैं।
वकीलों का कहना है कि केस से जुड़े इंजीनियरिंग डेटा, सॉफ्टवेयर सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय शिकायतों से संबंधित रिकॉर्ड जरूरी हैं, लेकिन पर्याप्त जानकारी न मिलने से विशेषज्ञों की जांच प्रभावित हो रही है।
जज ने इस स्थिति को “चौंकाने वाला” बताते हुए कहा कि कंपनी से विस्तृत तकनीकी दस्तावेज़, रिपोर्ट और जांच से जुड़े रिकॉर्ड पेश करना अपेक्षित है।
टेस्ला का पक्ष
टेस्ला की ओर से अदालत में पेश वकील इम्तियाज अहमद ने कहा कि कंपनी ने अब तक लगभग एक लाख दस्तावेजों की समीक्षा कर ली है, जबकि अभी भी करीब 75 हजार दस्तावेजों की जांच बाकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी गोपनीय और संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होने को लेकर चिंतित है, जिसमें कुछ व्यक्तियों के निजी विवरण भी शामिल हो सकते हैं।
इस पर अदालत ने सुझाव दिया कि टेस्ला चाहे तो संवेदनशील जानकारी को हटाकर (redact) दस्तावेज़ पेश कर सकती है।
कोर्ट की समयसीमा और चेतावनी
फेडरल कोर्ट ने टेस्ला को 31 जुलाई तक सभी आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का समय दिया है। जज ने यह भी कहा कि यदि जानकारी अधूरी या असंतोषजनक पाई गई, तो अदालत सख्त कार्रवाई कर सकती है और पूरे मामले की गहन समीक्षा की जाएगी।
अगली सुनवाई 1 सितंबर को तय की गई है।
यह मामला दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलियाई अदालत इस केस को गंभीरता से ले रही है और किसी भी बड़ी वैश्विक कंपनी को कानूनी प्रक्रिया से छूट नहीं दी जाएगी।
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