तहसील में भ्रष्टाचार के विरोध में वकीलों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी

मुजफ्फरनगर। तहसील परिसर में भ्रष्टाचार के विरोध में बार संघ से जुड़े अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। वकीलों ने तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए अधिकारियों और विभिन्न पटलों पर कार्यरत कर्मचारियों पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक तहसील से भ्रष्टाचार की जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
बुधवार को बार संघ के अधिवक्ताओं ने तहसील में मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान तहसील प्रशासन पर रिश्वतखोरी और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए। बार संघ के महासचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि संगठन से जुड़े सभी अधिवक्ता पिछले पांच दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
अधिवक्ता सचिन आर्य ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकांश पटलों पर निजी कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। वहीं अधिवक्ता कदम सिंह चंदेल ने कहा कि ग्राम न्यायालय और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में भी सरकारी आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने फुलत मार्ग स्थित एक बाग से संबंधित धारा 80 के मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि अधिकारी इन समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर शीघ्र रोक नहीं लगी तो कार्य बहिष्कार के साथ-साथ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बार संघ अध्यक्ष नवीन कुमार उपाध्याय सहित अधिवक्ता जितेंद्र सिंह, दिमाग सिंह, सुलेमान, सुभाष, राजबीर सिंह, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, राजेंद्र सैनी, सत्य प्रकाश सैनी, विपिन कुमार, रेखा देवी, रोशनी सैनी, अशोक सैनी, सुमित कुमार, राजेश कुमार, प्रदीप शर्मा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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